वक्फ संशोधन विधेयक कल दोपहर 12 बजे लोकसभा में पेश होने के लिए तैयार है, और सभी की निगाहें राजनीतिक दिग्गजों—नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान और जयंत चौधरी—पर टिकी हैं। भाजपा ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है, सवाल यह है: क्या ये नेता सरकार के साथ खड़े होंगे, या अलग रास्ता चुनकर राजनीतिक परिदृश्य को हिला देंगे? यह क्षण उनके लिए एक बड़ी परीक्षा हो सकता है, और उनके फैसले देश की राजनीतिक गतिशीलता पर लंबे समय तक प्रभाव डाल सकते हैं।