आरएसएस की तीन दिनों की बैठक रविवार 23 मार्च को बेंगलुरु में खत्म हुई। 23 मार्च को ही शहीद-ए-आजम भगत सिंह का बलिदान दिवस है यानी आज के ही दिन अंग्रेजों ने उन्हें फांसी दी थी। लेकिन आरएसएस ने शहीदों को लेकर कोई प्रस्ताव पास नहीं किया। आरएसएस का देश के लिए कुर्बानी देने वाले शहीदों के प्रति क्या नज़रिया है, जानिएः