केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स से चुनाव, केंद्रीय मंत्रियों और तमाम सरकारी विभागों के खिलाफ कंटेंट हटाने के लिए नोटिस जारी किए। द हिन्दू अखबार के मुताबिक लगभग 30% ऐसे नोटिस भेजे गए थे। भारत में अभिव्यक्ति की आजादी के मद्देनजर यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है।
सेंसरशिप के आरोपों को लेकर एलन मस्क की एक्स कॉर्प और भारत सरकार के बीच तीखी नोकझोंक चल रही है। एक्स का दावा है कि सरकार का सहयोग पोर्टल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने का एक साधन है, जबकि सरकार इससे इनकार करते हुए एक्स पर अदालत को गुमराह करने का आरोप लगाया है। एक्स पर ग्रोक के जवाबों से बीजेपी परेशान है।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) टूल गोर्क ने सोशल मीडिया पर धमाल मचा रखा है। वो पीएम मोदी, अमित शाह, आरएसएस, सोनिया गांधी से लेकर तमाम मुद्दों पर लोगों के सवालों का जवाब बेबाकी से दे रहा है। आप भी एक्स पर जाकर उससे सवाल करिए। लेकिन उससे पहले इन रोचक जवाबों को पढ़िए।
कांग्रेस की असम इकाई के प्रवक्ता रीतम सिंह को सोशल मीडिया पर भाजपा नेताओं के खिलाफ सवाल उठाने वाली पोस्ट के लिए गिरफ्तार किया गया। असम में लगातार कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ऐसी गतिविधियों को खुलकर समर्थन कर रहे हैं।
एलन मस्क द्वारा ट्विटर (अब एक्स) को खरीदे जाने के बाद क्या वैसे खातों को बढ़ावा दिया जा रहा है जिनका प्रयोग झूठ और घृणा फैलाने के लिए किया जा रहा था? और क्या इसका असर अब इसके यूज़रों के भागने में दिखने लगा है?
ऑस्ट्रेलिया में पारित इस कानून को सभी दलों ने संसद में समर्थन दिया। सोशल मीडिया कंपनियों से युवा किशोरों को इससे दूर रखने और रोकने के लिए जल्द से जल्द "उचित कदम" उठाने को कहा गया है।
भारतीय राजनीति से लेकर भारतीय समाज में क्या कुछ चल रहा है, इस पर तमाम किताबें आती रहती हैं। लेकिन समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर ऐसी तमाम समस्याओं का समाधान भी बताते हैं। समाधान जानने के लिए आपको उनकी किताब खरीद कर पढ़नी होगी। यहां पर किताब से जुड़ी तमाम बातें समीक्षा के ही अंदाज में पत्रकार सतीश भारतीय बता रहे हैंः
एमपी हाईकोर्ट ने कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और टेलीविजन पर कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग अपलोड करने से पहले अदालत से अनुमति लेना होगी। ऐसा नियमों में भी प्रावधान है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कन्याकुमारी के विवेकानंद रॉक मेमोरियल ध्यान लगाने की वजह से आख़िर सोशल मीडिया के निशाने पर क्यों आ गए हैं? जानिए, सोशल मीडिया यूज़रों ने क्या-क्या टिप्पणी की है।
लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण का चुनाव प्रचार खत्म होने के समय के बाद यानी मतदान से पहले के साइलेंस पीरियड में भी राजनैतिक दलों ने सोशल मीडिया के जरिये जमकर प्रचार किया है।
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि मेरे अकाउंट से किसी ने यह किया है, इसकी जानकारी मिलते ही मैंने पोस्ट हटा दी है। वहीं कंगना रनौत ने आपत्तिजनक पोस्ट का जवाब देते हुए एक्स पर लिखा है कि हर महिला गरिमा की हकदार है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली ने इस चर्चा को खारिज कर दिया कि 2024 का लोकसभा चुनाव 16 अप्रैल को होगा। उसने एक्स पर एक ट्विट कर साफ किया है कि अप्रैल में चुनाव की तिथि की घोषणा अभी नहीं हुई है।