जब विदेशी कंपनियां AI और तकनीक में नए आयाम छू रही हैं, तब भारत में विकास की बजाय नकारात्मक बहसें और विवाद क्यों हावी हैं? जानिए टेक्नोलॉजी की इस होड़ में भारत कहां खड़ा है।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) टूल गोर्क ने सोशल मीडिया पर धमाल मचा रखा है। वो पीएम मोदी, अमित शाह, आरएसएस, सोनिया गांधी से लेकर तमाम मुद्दों पर लोगों के सवालों का जवाब बेबाकी से दे रहा है। आप भी एक्स पर जाकर उससे सवाल करिए। लेकिन उससे पहले इन रोचक जवाबों को पढ़िए।
डोनाल्ड ट्रम्प ने ग़ज़ा के लिए अपनी ‘भविष्य की योजनाओं’ को प्रदर्शित करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) से तैयार वीडियो जारी किया, जिसमें उनकी एक सुनहरी प्रतिमा भी है। यह वायरल है। इसकी आलोचना भी हो रही है। बीबीसी ने इस वीडियो की पुष्टि की है।
चीन में इंसान और रोबॉट की हाफ मैराथन दौड़ अप्रैल में होगी। यह दुनिया में अपनी तरह की पहली दौड़ होगी।एडवांस इंटेलिजेंस वाली रोबॉटिक्स के योद्धा क्या गुल खिलाने वाले हैं, पूरी जानकारी वरिष्ठ पत्रकार चंद्र भूषण से लीजियेः
दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलोन मस्क ने ओपनएआई खरीदने के लिए 97 बिलियन डॉलर का ऑफर दिया। लेकिन ऑल्टमैन ने उनका "शुक्रिया" अदाकर कहा कि वो उन्हें एक्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बेच सकते हैं। इस घटना से पता चलता है कि दुनिया में एआई का दबदबा किस तरह बढ़ रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) में चीन की प्रगति भारत को अपनी एआई क्षमता विकसित करने का जरिया हो सकती है। चीन की उन रणनीतियों, नीतियों और इन्नोवेशन के बारे में भारत को जानकारी जुटाकर अपनी एआई क्षमताओं को मजबूत करना चाहिए।
एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। अब आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (एजीआई) प्रौद्योगिकी के भविष्य को कैसे आकार दे रहा है। जानियेः
आर्टिफिशल इंटेलीजेंस (AI) की दुनिया में चीन की कंपनी डीपसीक (DeepSeek) ने पहले से हलचल मचा रखी थी। लेकिन चीन की एक और नामी कंपनी अलीबाबा भी एआई के मुकाबले में कूद पड़ी है। अली बाबा का एआई मॉडल डीपसीक से भी अच्छा बताया गया है। जानियेः
आर्टिफिशल इंटेलीजेंस यानी एआई के दिग्गज डीपसीक (DeepSeek) से हिल गये हैं। शेयर मार्केट में यूएस की एआई कंपनियों के शेयर गिर गये हैं। आखिर ये डीपसीक क्या है और इसने एआई वर्ल्ड ऑर्डर को कैसे बदल दिया। जानियेः
एआई का दायरा बढ़ रहा है। पूरी दुनिया में काम हो रहा है। लेकिन स्पेस साइंस में एआई के दखल पर क्या कुछ बदलने वाला है, वरिष्ठ पत्रकार और लेखक चंद्र भूषण उसी को समझा रहे हैं।
बॉलीवुड के कलाकारों को निशाना बनाते हुए कई 'डीपफेक' वीडियो और फोटो वायरल हुए तो सार्वजनिक आक्रोश फैल गया। लेकिन सरकार तभी जागी जब प्रधानमंत्री मोदी का भी डीफफेक वायरल हुआ और पीएम ने सार्वजनिक रूप से इस पर टिप्पणी कर दी। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार 23 नवंबर को बैठक बुलाई।
आर्टिफिशल इंटेलीजेंस के माहिर सैम ऑल्टमैन, ग्रेग ब्रॉकमैन और अन्य पूर्व ओपनएआई कर्मचारी अब माइक्रोसॉफ्ट में काम करेंगे। मतभेद होने के बाद इन लोगों ने माइक्रोसॉफ्ट नियंत्रित कंपनी ओपनएआई ने इन्हें बर्खास्त कर दिया और कुछ ने छोड़ दिया था। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने एक ट्वीट के जरिए इन लोगों के माइक्रोसॉफ्ट में आने की पुष्टि की है।
आर्टिफिशल इंटेलीजेंस (AI) की दुनिया में भारी उठापटक हो गई है। चैटजीपीटी को बनाने वाली कंपनी ओपनएआई ने अपने सीईओ सैम ऑल्टमैन को बर्खास्त कर दिया तो इसके सह संस्थापक और चेयरमैन ग्रेग ब्रॉकमैन ने भी इस्तीफा दे दिया। अगर आपकी दिलचस्पी आर्टिफिशल इंटेलीजेंस में है तो यह आपके लिए एक जरूरी खबर है।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जन्मदाता ज्योफ्री हिंटन ही अब इसके खिलाफ हो गए हैं। उन्होंने हाल ही में गूगल की नौकरी छोड़ दी और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के खतरों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। वो क्या कह रहे हैं, आप भी जानिएः