बजट की तैयारी शुरू हो गई है। यूँ सरकार के भीतर की तैयारी तो साल भर ही चलती रहती है, लेकिन पिछले सोमवार से वित्तमंत्री ने सरकार के बाहर के आर्थिक विशेषज्ञों और तमाम ऐसे तबकों के साथ बजट बैठकें शुरू कर दीं जिनपर बजट का असर पड़ता है। इन बैठकों में ये लोग बजट से अपनी उम्मीदें और मांगें सामने रखते हैं। यही नहीं, कुछ ऐसे सुझाव भी आते हैं जो उनकी समझ से देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर दिशा दे सकते हैं।

मोदी सरकार के बजट को लेकर हलचल शुरू हो गई है। क्या इस बार आयकर को कम करने जैसा कुछ फ़ैसला लिया जा सकता है? जानिए, क्या है संभावना।
बजट का नाम सुनते ही मिडिल क्लास के मन में फिर उठने लगा है सवाल टैक्स का। हालाँकि, पिछले कई साल से ऐसी आदत सी पड़ी हुई है कि बजट का मानो इनकम टैक्स से कोई खास नाता नहीं रह गया है। अर्थशास्त्रियों, उद्योगपतियों और बड़े व्यापारियों को छोड़ दें तो कुछ साल पहले तक आम आदमी दो ही चीजें समझने के लिए बजट देखा या पढ़ा करता था। एक तो यह कि क्या महंगा और क्या सस्ता हुआ। और दूसरा इनकम टैक्स में क्या घटा और क्या बढ़ा। जीएसटी लागू होने के साथ ही महंगे सस्ते का खेल तो क़रीब क़रीब बंद ही हो चुका है। लेकिन अभी इनकम टैक्स के मामले में उम्मीद और आशंका के दरवाज़े खुले हुए हैं।