किसान क्रांति सेना के अध्यक्ष और पाटीदार समुदाय के नेता हार्दिक पटेल उत्तर प्रदेश के दौरे पर निकले हैं। अगले साल यानी 2019 के चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस की सरकारों के ख़िलाफ़ युवाओं व किसानों की समस्याओं पर घेरने की रणनीति पर वे प्रदेश के कई ज़िलों में युवाओं और किसानों से मिल कर उनकी मूल समस्याओं को जानना चाहते है। हार्दिक कुशीनगर और आजमढ़ पहुंच कर युवकों के ँने हालाँकि साफ़ किया है कि वे कोई राजनीतिक दल बना कर चुनाव में उतरने नही जा रहे हैं, पर युवकों और किसानों की समस्याओं को लेकर चुनाव में सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा ज़रूर खड़ा करेंगे। उनका कहना है कि उनकी लड़ाई सत्ताधारी दलों से रहेगी, वह कांग्रेस हो या बीजेपी। वे एक दिन अयेाध्या में रुके। उन्होंने अयोध्या के गांव में एक कार्यक्रम में शामिल होकर लोगों की नब्ज़ टटोली और राम मंदिर को लेकर भी बीजेपी को घेरने की रणनीति पर चर्चा की।
किसी समय बीजेपी से जुड़े रहे हार्दिक पटेल ने उसके गढ़ उत्तर प्रदेश में घुस कर उसके मुद्दे उठाते हुए उसी पर हमले किए। उन्होंने राम मंदिर, दलित उत्पीड़न क़ानून जैसे विषयों पर सरकार को घेरा और बीजेपी के ऑइकॉन योगी-मोदी पर निशाना साधा।
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पटेल ने इन मसले पर जनजागरण चलाने की बात भी करते हैं। वे मोदी को सीधे निशाने पर लेते हैं और कहते है कि प्रधानमंत्री राम मंदिर पर बयान क्यों नही देते? हार्दिक ने संकेतों में कहा कि वे इन तथ्यों को अपने जनजागरण का मुद्दा बनाएंगे।
पटले दलित उत्पीड़न क़ानून पर भी बीजेपी को घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश को बदलना भी आरक्षण नीति पर सवाल खड़ा करेगा।
हार्दिक की रणनीति साफ़ है। वे गुजरात से बाहर निकल अपनी राजनीतिक छवि बनाने की कोशिश में है। सत्तारूढ़ दल पर हमला कर, उसके बड़े नेताओं को निशाने पर लेकर वे सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अपनी सियासी ज़मीन तलाश रहे हैं। इससे राष्ट्रीय स्तर पर उनकी छवि बनेगी।
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