सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को सुप्रीम कोर्ट व भारत के पिछले 4 मुख्य न्यायाधीशों (सीजेआई) से जुड़े उनके ट्वीट के लिए अदालत की अवमानना का दोषी पाया है। हालाँकि कोर्ट ने फ़िलहाल सज़ा नहीं सुनाई है। बहस होने के बाद सज़ा 20 अगस्त को सुनायी जाएगी। उन्होंने एक ट्वीट में आरोप लगाया था कि न्यायपालिका ने लोकतंत्र को बचाने के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के दौरान अदालतों को बंद रखने के लिए मुख्य न्यायाधीश बोबडे की आलोचना की थी। 

जस्टिस अरुण मिश्रा, बीआर गवई और कृष्ण मुरारी की तीन जजों की बेंच ने भूषण के ट्वीट पर फ़ैसला सुनाया।