नोएडा की एक सोसाइटी में महिला से अभद्रता करने के आरोपी श्रीकांत त्यागी से किसी तरह का संबंध होने से बीजेपी ने इनकार किया है। लेकिन साल 2018 में बीजेपी की ओर से जारी किए गए एक लेटर हेड से पता चलता है कि श्रीकांत त्यागी बीजेपी का पदाधिकारी था।
श्रीकांत त्यागी के द्वारा नोएडा के सेक्टर 93b में स्थित ओमेक्स ग्रैंड सोसाइटी में एक महिला से अभद्रता करने का वीडियो वायरल हुआ था।
विपक्षी दलों का आरोप है कि श्रीकांत त्यागी क्योंकि बीजेपी का नेता है इसलिए उसके खिलाफ कई शिकायतें होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
लेटर हेड से पता चलता है कि श्रीकांत त्यागी को 27 अगस्त, 2018 को बीजेपी किसान मोर्चा की युवा किसान समिति का राष्ट्रीय सह संयोजक बनाया गया था। यह मनोनयन किसान मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी सुधीर त्यागी ने किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के निर्देशानुसार किया था।
इस बारे में बीजेपी के एक नेता ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि यह लेटर हेड पूरी तरह ओरिजिनल है और श्रीकांत त्यागी अगस्त 2018 से अप्रैल 2021 तक युवा किसान समिति का पदाधिकारी था।
उन्होंने कहा कि इस समिति का गठन बीजेपी के किसान मोर्चा से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोड़ने के लिए किया गया था और उस समय इस समिति में कई लोगों को मनोनीत किया गया था।
बीजेपी नेता ने बताया कि 2021 में जब नई टीम बनाई गई तो उसमें त्यागी को जगह नहीं दी गई थी।
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बीजेपी नेताओं संग हैं तसवीरें
श्रीकांत त्यागी का बीजेपी में अच्छा-खासा रसूख था और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह सहित कई बड़े नेताओं के साथ श्रीकांत त्यागी की तस्वीरें हैं। वह 2022 में मोदीनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी कर रहा था लेकिन उसे टिकट नहीं मिला।
त्यागी के रसूख के बारे में इससे पता चलता है कि उसे डेढ़ साल तक पुलिस सुरक्षा मिली हुई थी। गाजियाबाद के एसपी मुनिराज ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि जिला कमेटी की रिपोर्ट के बाद श्रीकांत त्यागी को अक्टूबर 2018 से फरवरी 2020 के बीच सुरक्षा दी गई थी। फरवरी, 2020 में उसकी सुरक्षा हटा ली गई थी। याद दिलाना होगा कि इस दौरान राज्य में बीजेपी की सरकार थी।
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श्रीकांत त्यागी का वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी के लिए उसके खिलाफ कार्रवाई करना बेहद जरूरी हो गया था क्योंकि विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया था। लेकिन बीजेपी नेताओं का यह कहना कि श्रीकांत त्यागी उनकी पार्टी से नहीं जुड़ा था यह पूरी तरह गलत है क्योंकि श्रीकांत त्यागी समय-समय पर पार्टी के कार्यक्रमों में भाग लेता रहता था और इससे जुड़े पोस्टर अपने सोशल मीडिया पेज पर जारी करता था।
नौ एफआईआर हैं दर्ज
उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, श्रीकांत त्यागी के खिलाफ नौ एफआईआर दर्ज हैं। साल 2007 में त्यागी के खिलाफ जबरन वसूली और गुंडा एक्ट के तहत दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। 2008 में त्यागी के खिलाफ नोएडा के सेक्टर 39 पुलिस थाने में धमकी देने और गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में भी मुकदमा दर्ज कराया गया था।
2009 में त्यागी के खिलाफ दंगा और हिंसा करने को लेकर नोएडा के फेज टू थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था जबकि 2015 में फिर से दंगा करने और धमकी देने के मामले में नोएडा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। 2020 में त्यागी के खिलाफ हत्या के प्रयास को लेकर फेज टू पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। महिला से अभद्रता का वीडियो वायरल होने के बाद त्यागी के खिलाफ दो और एफआईआर दर्ज की गई।
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