छह महीने के अंदर होने वाले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी कमर कस रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुरूवार रात को प्रदेश बीजेपी के आला नेताओं की बैठक ली। बैठक में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल आनन-फानन में दिल्ली पहुंचे।
ख़बरों के मुताबिक़, इस बैठक में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ ही विधान परिषद की चार सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार कौन होंगे, योगी कैबिनेट के विस्तार में जातीय समीकरणों पर और किन दलों के साथ मिलकर पार्टी चुनाव लड़ेगी, इस पर भी चर्चा हुई। बैठक साढ़े तीन घंटे तक चली।
बीजेपी जानती है कि पेगासस जासूसी मामले, किसान आंदोलन और कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बने भयावह हालात के बाद जनता के बीच पैदा हुई नाराज़गी उत्तर प्रदेश से उसकी विदाई करा सकती है, इसलिए पार्टी चुनावी तैयारियों में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ना चाहती।
बीजेपी किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी, इस पर सहमति नहीं बन सकी है। वह योगी को चेहरा बनाएगी या नहीं, इस पर भी उसका स्टैंड अभी साफ नहीं है। लेकिन हाल ही में बनारस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब योगी आदित्यनाथ की तारीफ़ों के पुल बांधे तो उससे यह संकेत ज़रूर मिला कि योगी आदित्यनाथ के चेहरे को पार्टी आगे रखेगी।
जन आशीर्वाद यात्रा
कुछ दिन पहले भी जेपी नड्डा ने उत्तर प्रदेश के बीजेपी सांसदों की बैठक बुलाई थी और चुनावी तैयारियों में जुटने के लिए कहा था। पार्टी के नेता इन दिनों उत्तर प्रदेश के साथ ही कई राज्यों में जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं और चुनावी माहौल बनाने में जुटे हैं।
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ओबीसी समुदाय पर जोर
बीजेपी ओबीसी मतों का बड़ा हिस्सा अपने पाले में करना चाहती है और इसके लिए प्रदेश में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। बीजेपी प्रदेश में ‘मोदी समर्थन सम्मेलन’ करेगी। प्रदेश में ऐसे 70 सम्मेलनों की योजना तैयार कर ली गई है। उत्तर प्रदेश के हर जिले में एक सम्मेलन होगा और ये सम्मेलन तीन महीने तक चलेंगे। इस दौरान पार्टी ओबीसी समुदाय के हक़ में मोदी सरकार के द्वारा उठाए गए क़दमों का प्रचार करेगी।
किसान चौपाल लगाएगी
कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली के बॉर्डर्स पर आंदोलन कर रहे किसानों के ‘मिशन यूपी-उत्तराखंड’ में जुटने के एलान के बाद बीजेपी भी हरक़त में आ गई है। पार्टी पूरे प्रदेश में किसान चौपाल लगाने जा रही है। 16 से 23 अगस्त तक गन्ना किसानों की बहुलता वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीजेपी यहां के किसानों के बीच पहुंचेगी। इसके बाद लखनऊ में 22 से 25 अगस्त तक विशाल किसान पंचायत का आयोजन किया जाएगा।
बीजेपी राज्य के हर बूथ पर 11 सदस्यों की कमेटी बनाने जा रही है। यह पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह के माइक्रो लेवल बूथ मैनेजमेंट का ही विस्तार है जिसकी बदौलत पार्टी को 2014, 2017 और 2019 के लोकसभा चुनाव में अच्छी-ख़ासी सफलता मिली थी।
सहयोगियों को जोड़ने पर जोर
बीजेपी की चिंता ओमप्रकाश राजभर के भागीदारी संकल्प मोर्चा को लेकर भी है। हाल ही में राजभर की स्वतंत्र देव सिंह के साथ हुई मुलाक़ात के बाद इस बात के कयास लग रहे हैं कि राजभर की बातें अगर पार्टी मान ले तो वह फिर से एनडीए में आ सकते हैं। अपना दल और निषाद पार्टी पहले से ही बीजेपी के साथ है।
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