यूपी में सपा सांसद रामजी लाल सुमन के आवास पर करणी सेना के हमले का मामला गरमा उठा है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने गुरुवार को कहा कि "समाजवादी पार्टी ईद के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में आंदोलन करने जा रही है। अगर रामजीलाल सुमन दलित न होते उन्हीं की बिरादरी के होते तो क्या हमला करते ये लोग?"
प्रो. रामगोपाल यादव गुरुवार दोपहर को रामजीलाल सुमन जी के आगरा स्थित आवास पर पहुंचे और परिजनों से भेंट की। इसी मौके पर रामगोपाल ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की। दूसरी तरफ सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव भी गुरुवार को सुमन के घर पहुंचे।
माफी नहीं मांगूंगाः सुमन
घर पर हमले के एक दिन बाद, सपा के राज्यसभा सदस्य रामजी लाल सुमन ने गुरुवार को कहा कि वे माफ़ी नहीं मांगेंगे, क्योंकि उन्होंने राणा सांगा के बारे में कुछ भी गलत नहीं कहा। सुमन ने कहा, "मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है; मैं माफ़ी नहीं मांगूंगा।" अपनी टिप्पणी पर उन्होंने कहा, "मैंने जो कहा है वह एक ऐतिहासिक तथ्य है, और मैं अपने बयान पर कायम हूं।" राणा सांगा, जिन्हें संग्राम सिंह प्रथम के नाम से भी जाना जाता है, 1508 से 1528 तक मेवाड़ के शासक थे और अपनी बहादुरी के लिए जाने जाते हैं।
सपा सांसद रामजी लाल सुमन
शिवपाल यादव ने सुमन के घर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा- भारतीय जनता पार्टी के लोग पिछड़ा और दलित विरोधी हैं...
हम लोग इनकी गुंडई को बर्दाश्त नहीं करेंगे मुकाबला करेंगे। शिवपाल ने कहा- “जो यहां गुंडई शासन प्रशासन के इशारे पर हुई है। हम लोग झुकेंगे नहीं और हम इनकी गुंडई को बर्दाश्त भी नहीं करेंगे।”
शिवपाल ने कहा- ‘भाजपा सरकार कोई काम तो कर नहीं रही। महंगाई, भ्रष्टाचार से बचने के लिए ये सब करा रही। भाजपा सरकार दलित, अल्पसंख्यक, पिछड़ा विरोधी है। संविधान में अपनी बात रखने की पूरी आज़ादी। रामजी लाल सुमन को अपनी बात कहने की आजादी है। फोर्स लगाकर घटना रोकी जा सकती थी। समाजवादी पार्टी ये बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। जब यूपी की सरकार को पलटेंगे फिर तो कार्रवाई होगी।'’
सांसद सुमन के आगरा स्थित उनके आवास पर करणी सेना ने बुधवार को हमला किया था। उन लोगों ने सांसद के घर के गेट को तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की। वहां खड़ी गाड़ियों तथा संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इतना ही नहीं, उन्होंने खिड़कियों और दरवाजों पर पथराव भी किया, जिससे घर को काफी नुकसान हुआ।
सपा का आरोप है कि माहौल बीजेपी ने खराब किया। अगर बीजेपी नेताओं ने उत्तेजक बयानबाजी न की होती तो सांसद रामजी लाल सुमन के घर पर हमला नहीं होता। भाजपा के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा, "राणा सांगा भारत की पहचान रहे हैं। उन्होंने अपने पूरे जीवन में बाबर और अन्य आक्रमणकारियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। देश की रक्षा करने वाले के बजाय एक आक्रमणकारी को महिमामंडित करना बेहद अशोभनीय और अनुचित है।" भाजपा सांसद शशांक मणि ने समाजवादी पार्टी के सांसद के बयान को "निंदनीय" बताया और कहा कि लोगों को राणा सांगा जैसे महापुरुषों को नमन करना चाहिए, न कि ऐसे "अनुचित" बयान देने चाहिए।
हालांकि तमाम इतिहासकार बता रहे हैं कि राणा सांगा ने ही बाबर को बुलाया था। सपा नेताओं का कहना है कि बीजेपी इतिहास को ही पलटना चाहती है।
राज्यसभा में रामजी लाल सुमन ने बाबर पर हुए हंगामे के विषय में अपनी बातें रखी। उन्होंने कहा कि "भाजपा नेता अक्सर दावा करते हैं कि मुसलमानों में बाबर का डीएनए है। लेकिन बाबर को भारत किसने बुलाया था? यह राणा सांगा थे जिन्होंने इब्राहिम लोदी को हराने के लिए उन्हें बुलाया था। उस तर्क से, अगर मुसलमान बाबर के वंशज हैं, तो आप भी राणा सांगा—एक गद्दार—के वंशज हैं।"
रामजी लाल सुमन के आवास पर हुए हमले के बाद तमाम दलित संगठन एकजुट हो गए हैं और उन्होंने हमले की निन्दा की है। अब जिस तरह से सपा ने आंदोलन की घोषणा की है, उससे लगता है कि वो दलितों को एकजुट करने में जुट गई है। ईद के बाद होने वाले आंदोलन को लेकर सपा में सक्रिय दलित नेताओं के सुझाव पर ही इसकी घोषणा की गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ही निर्देश पर गुरुवार को रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव आगरा पहुंचे। सपा के दो बड़े नेताओं को आगरा भेजने का संकेत यही है कि सपा इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन खड़ा करने जा रही है।
रिपोर्ट और संपादनः यूसुफ किरमानी
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