टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारतीय मुक्केबाज़ लवलीना बोरगोहेन को बुधवार को हुए मुक़ाबले में हार मिली है। हालांकि वह कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं। टर्की की खिलाड़ी ने लवलीना को सेमीफ़ाइनल में हराया। लवलीना बोरगोहेन मूल रूप से असम की रहने वाली हैं। इससे पहले भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु ने कांस्य पदक जीता था। उन्होंने चीन की खिलाड़ी बिंग जिआओ को सीधे सेटों में मात दी थी।
भारत के रवि कुमार दहिया 57 किग्रा. कुश्ती के मुक़ाबले में फ़ाइनल में पहुंच गए हैं जबकि दीपक पूनिया को 86 किग्रा. कुश्ती के सेमीफ़ाइनल में हार मिली है।
पुरुष हॉकी टीम को मिली हार
इससे पहले भारतीय पुरुष हॉकी टीम को सेमीफाइनल में बेल्जियम से हार मिली थी। अब भारत कांस्य पदक के मुक़ाबले के लिए खेलेगा।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मैच को आम प्रशंसकों से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक ने देखा था। हार के बाद उन्होंने ट्वीट किया था, 'हार-जीत तो जीवन का हिस्सा है। टोक्यो 2020 में हमारी पुरुष हॉकी टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और यही मायने रखता है। टीम को अगले मैच और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं। भारत को अपने खिलाड़ियों पर गर्व है।'
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चानू ने जीता था पहला पदक
टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए पहला पदक वेटलिफ़्टर मीराबाई चानू ने जीता था। मणिपुर की रहने वालीं मीराबाई चानू ने यह पदक 49 किग्रा वर्ग में जीता था। भारत को वेटलिफ़्टिंग में 21 साल बाद कोई पदक मिला था। चानू की इस जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला सहित तमाम नेताओं ने उन्हें बधाई दी थी और अपने गृह राज्य मणिपुर पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत हुआ था।
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