कांग्रेस और टीएमसी द्वारा मतदाता सूची में फर्जी वोटरों के आरोपों के बीच भारत के चुनाव आयोग ने ऐसे मतदाताओं की पहचान करने के लिए एक नया सॉफ्टवेयर फीचर पेश किया है। इस संबंध में उसने राज्यों के चुनाव अधिकारियों को पत्र लिखा है। जानिए पूरा विवाद क्या हैः
मतदाता सूची विवाद बढ़ रहा है। टीएमसी और कांग्रेस तो शिकायत कर ही रहे थे। लेकिन अब बीजेपी और बीजू जनता दल (बीजेडी) ने मतदाता सूची में तमाम फर्क की तरफ इशारा किया है। चुनाव आयोग इस विवाद में बुरी तरह फंस गया है। जानिये पूरी बातः
कांग्रेस ने डुप्लीकेट वोटर आईडी नंबरों पर चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण को "धोखाधड़ी" करार दिया है और पारदर्शिता की मांग की है। ईसीआई ने शुक्रवार को अपना बयान दिया था।
भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने नई दिल्ली में सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के चुनाव अधिकारियों का दो दिवसीय सम्मेलन बुलाया। यह सम्मेलन ऐसे समय हुआ है जब आयोग विवादों में घिरा हुआ है। उस पर तमाम तरह के आरोप लग रहे हैं। जानिये सीईसी ज्ञानेश कुमार ने राज्यों के चुनाव अधिकारियों से क्या कहाः
टीएमसी ने चुनाव आयोग पर नए गंभीर आरोप लगाए हैं। मतदाता पहचान संख्या यानी EPIC विवाद को लेकर घमासान बढ़ा। क्या चुनाव आयोग की साख दांव पर है? जानें पूरी रिपोर्ट।
टीएमसी ने चुनाव आयोग पर हमला बोला है। इसने कहा है कि आख़िर दो राज्यों में भी एक से अधिक मतदाताओं की पहचान कार्ड संख्या एक कैसे हो सकती है? जानिए, टीएमसी ने क्या चेतावनी दी है।