भारतीय प्रधानमंत्री का सुरक्षा विवरण और अन्य संवेदनशील रक्षा डेटा हैकरों ने लीक कर डार्क वेब पर डाल दिया। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताएँ बढ़ गई हैं। जानिए साइबर हमला कैसे हुआ, डेटा उल्लंघन की सीमा क्या थी और भारत की रक्षा प्रणाली पर इसके क्या प्रभाव होंगे।
आपके पास आई हुई कोई भी फोन कॉल या ईमेल आपको डिजिटल अरेस्ट में फंसा सकता है। इस नये साइबर फ्रॉड से जनवरी से अप्रैल तक 120 रुपये उड़ा लिये गये। केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट हाल ही में डिजिटल धोखाधड़ी का एक प्रचलित तरीका बन गया है। जानिये पूरी बातः
देश में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। बॉलीवुड निर्माता बोनी कपूर के साथ करीब 4 लाख की धोखाधड़ी उनके क्रेडिट कार्ड के जरिए की गई। हालांकि क्रेडिट कार्ड उन्हीं के पास मौजूद है।
बीता हफ़्ता पूरी तरह से साइबर अपराध से जुड़ी ख़बरों के नाम रहा। वाट्सऐप स्पाइवेयर का मामला आया। इससे पहले डार्कनेट और कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट का मामला भी आया था।