कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में आखिरकार दो वरिष्ठ नेताओं ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने कांग्रेस के चुनाव प्राधिकरण के सामने पहुंचकर पर्चा दाखिल किया। इनके अलावा झारखंड कांग्रेस के नेता केएन त्रिपाठी ने भी नामांकन दाखिल किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में 8 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकते हैं और एक से ज्यादा उम्मीदवार होने की सूरत में 17 अक्टूबर को वोटिंग होगी और 19 अक्टूबर को मतों की गिनती के साथ ही नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी के 9,100 डेलीगेट्स मतदान करेंगे।
देखना होगा कि क्या कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए मतदान की स्थिति आएगी।
कई नाम आए सामने
कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव का एलान होने के बाद कई उम्मीदवारों के नाम सामने आए। पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कांग्रेस अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन बीते रविवार को राजस्थान में जो सियासी घटनाक्रम हुआ उसके बाद कांग्रेस हाईकमान किसी अन्य नेता की तलाश इस पद के लिए कर रहा था। बीते दिन कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का नाम सामने आया लेकिन शुक्रवार सुबह उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे के समर्थन में नामांकन करने से इनकार कर दिया।
बीते दिनों में इस पद के लिए कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का नाम भी सामने आया लेकिन अब यह साफ हो गया है कि शशि थरूर और मल्लिकार्जुन खड़गे ही अध्यक्ष पद के चुनाव में आमने-सामने हैं। देखना होगा कि क्या 8 अक्टूबर तक इनमें से कोई एक उम्मीदवार अपना नाम वापस लेगा।
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जबकि केरल के तिरूवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर भी कांग्रेस के जाने-पहचाने चेहरे हैं और पढ़े-लिखे नेता हैं। वह मोदी लहर में भी चुनाव जीत कर आए हैं। शशि थरूर मनमोहन सिंह सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ ही विदेश मंत्रालय में भी राज्य मंत्री रह चुके हैं। वह तीन दशक तक संयुक्त राष्ट्र में भी तमाम पदों पर काम कर चुके हैं।
यह तय है कि अगर मतदान के हालात बने तो उसी उम्मीदवार को जीत मिलेगी जिसके साथ गांधी परिवार का अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन होगा।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, मल्लिकार्जुन खड़गे को गांधी परिवार के द्वारा समर्थित उम्मीदवार माना जा रहा है। ऐसे में निश्चित रूप से इस चुनाव में उनका पलड़ा भारी है।
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