प्रधानमंत्री द्वारा घोषित राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान भारतीय मीडिया ने टीवी स्क्रीन्स और इंटरनेट स्ट्रीम्स पर लाखों प्रवासी मजदूरों को, जो भारत के कई शहरों और कस्बों में काम किया करते थे, उन्हें सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलते हुए अपने गाँवों और घरों की ओर लौटते हुए दिखाया। इनमें से कई लोगों ने तो रास्ते में ही दम तोड़ दिया! अब औरंगाबाद में ऐसे ही पैदल घर जा रहे 16 मजदूरों के ट्रेन से कट कर मरने की बेहद दुखद ख़बर आयी है।