महाराष्ट्र के राज्यसभा चुनाव में आखिरकार बीजेपी का पलड़ा भारी रहा। बीजेपी ने अपनी तीनों सीटें जीतकर महा विकास आघाडी सरकार के दलों को शिकस्त दी है। महाराष्ट्र से बीजेपी के तीनों उम्मीदवार पीयूष गोयल, अनिल बोंडे और धनंजय महाडिक ने जीत हासिल की है। वहीं, महा विकास आघाडी सरकार की तरफ से प्रफुल पटेल, संजय राउत और इमरान प्रतापगढ़ी की जीत हुई है।
8 घंटे की देरी से शुरू हुई काउंटिंग के बाद यह नतीजा आया कि बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार धनंजय महाडिक चुनाव जीत गए हैं। बीजेपी और महा विकास आघाडी सरकार की तरफ से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए थे कि कुछ सदस्यों ने अपनी पार्टी के लोगों को दिखाकर वोट किए थे जिसके बाद मामला केंद्रीय चुनाव आयोग तक पहुंच गया था।
इस तरह पिछले कई दिनों से महाराष्ट्र में चल रही राज्यसभा चुनाव की रस्साकशी का अंत हो गया है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनाव आयोग की ओर से शुक्रवार देर रात मतगणना शुरू करने की अनुमति दी गई थी और देर रात ही नतीजे आए।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के नेता देवेंद्र फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बीजेपी ने पहले ही कहा था कि उसके तीन उम्मीदवार जीतकर आएंगे और ऐसा ही हुआ है। फडणवीस ने कहा कि पीयूष गोयल को सबसे ज्यादा 48 वोट मिले वहीं अनिल बोंडे को भी 48 वोट मिले जबकि तीसरे प्रत्याशी धनंजय महाडिक को शिवसेना के संजय पवार से भी ज्यादा वोट मिले हैं जिसके चलते उन्हें जीत हासिल हुई है।
वोट खारिज करने का मुद्दा
राज्यसभा चुनाव के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया जब बीजेपी ने महा विकास आघाडी के तीन सदस्यों के वोट खारिज करने की मांग की। बीजेपी नेता प्रसाद लाड़ ने कहा कि सरकार के मंत्री जितेंद्र आव्हाड, यशोमति ठाकुर और विधायक सुहास कांदे ने अपने वोट अपनी पार्टी के अध्यक्ष को दिखाकर दिए थे इसलिए उनका वोट रद्द किया जाए।
लाड़ ने कहा कि इन सभी नेताओं ने अपनी वोटिंग की स्लिप अपनी पार्टी के नेता के हाथ में दे दी थी। इसके बाद महा विकास आघाडी की तरफ से भी शिकायत की गई कि बीजेपी के विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने भी अपनी वोटिंग स्लिप बीजेपी के नेता को दिखायी थी। दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप के बाद मामला केंद्रीय चुनाव आयोग तक पहुंच गया।
केंद्रीय चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के रिटर्निंग अफसर से पूरे चुनाव की वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी। केंद्रीय चुनाव आयोग के अधिकारियों ने पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग देखने के बाद फैसला किया कि महाराष्ट्र विकास आघाडी के सुहास कांदे का वोट अवैध है और उसे रद्द कर दिया गया। चुनाव आयोग के फैसले के बाद करीब देर रात 1 बजे वोटों की गिनती शुरू हुई।
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महाराष्ट्र के 288 विधायकों में से सिर्फ 285 सदस्य ही वोट कर सके। एनसीपी के नेता नवाब मलिक और अनिल देशमुख वोट नहीं कर पाए क्योंकि उन्हें हाई कोर्ट ने वोटिंग करने की इजाजत नहीं दी थी जबकि एक विधायक की मौत हो गयी थी।
वोटों की गिनती शुरू होने के बाद फैसला हुआ कि बीजेपी के दो उम्मीदवार पीयूष गोयल और अनिल बोंडे को सबसे अधिक 48-48 वोट मिले जबकि धनंजय महाडिक को 41 वोट मिले। शिवसेना के संजय राउत को 41 वोट, एनसीपी के प्रफुल पटेल को 43 और कांग्रेस के इमरान प्रतापगढ़ी को 44 वोट मिले। पीयूष गोयल और अनिल बोंडे के वोट जो बहुमत के आंकड़े से ज्यादा थे वो धनंजय महाडिक को ट्रांसफर हो गए जिसकी वजह से उनकी जीत हो गई।
शिवसेना का हमला
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद शिवसेना ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर हमला बोला है। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि चुनाव आयोग ने हमारा एक वोट अमान्य कर दिया था जबकि हमने भी दो वोट को लेकर आपत्ति जताई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। संजय राउत ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने बीजेपी का ही पक्ष लिया।
एनसीपी के 2 वोट नहीं मिलने से महा विकास आघाडी को झटका लगा है। एनसीपी विधायक नवाब मलिक और अनिल देशमुख इस राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डाल सके क्योंकि उन्हें अदालत से राहत नहीं मिली थी। शुक्रवार को मलिक और देशमुख ने विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ मुंबई हाई कोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई थी लेकिन उन्हें हाई कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया।
मलिक ने एक और याचिका दाखिल कर हाई कोर्ट से यह अपील की थी कि वह पुलिस के घेरे में जाकर अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करना चाहते हैं लेकिन अदालत ने उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि हाई कोर्ट इसका अधिकार उन्हें नहीं दे सकती।
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