नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आज रविवार को दर्दनाक हादसा हुआ। स्टेशन पर एक महिला की करंट लगने से मौत हो गई। दिल्ली में शनिवार देर रात से भारी बारिश हो रही है। पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार की रहने वाली साक्षी आहूजा दो महिलाओं और तीन बच्चों के साथ सुबह करीब साढ़े पांच बजे रेलवे स्टेशन पहुंचीं। उन्होंने सहारे लेकर खड़े होने के लिए स्टेशन पर बिजली का खंभा पकड़ लिया, तभी उन्हें बिजली का जोरदार झटका लगा, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि दर्शकों ने उनकी जान बचाने की कोशिश में उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

साक्षी आहूजाः हादसे का शिकार
पुलिस ने एक बयान में कहा कि यह हादसा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के निकास संख्या 1 के पास हुआ, उन्होंने मौके पर पहुंचने पर महिला को बेहोश पाया।
पुलिस ने कहा, "पुलिस घायल साक्षी आहूजा की बहन माधवी चोपड़ा के साथ उन्हें एलएचएमसी (लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज) अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने साक्षी को मृत घोषित कर दिया।"
ताजा ख़बरें
उन्होंने बताया कि पीड़िता की बहन माधवी चोपड़ा ने संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया।
साक्षी आहूजा के पिता लोकेश कुमार चोपड़ा ने भी संबंधित अधिकारी पर लापरवाही का आरोप लगाया।
उन्होंने एएनआई को बताया, "हम चंडीगढ़ जा रहे थे। मैं पार्किंग क्षेत्र में था जब मुझे सूचना मिली कि मेरी बेटी साक्षी आहूजा की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई है। यह संबंधित प्राधिकारी की लापरवाही के कारण हुआ है।" स्टेशन परिसर में खंभे के नीचे बिजली के नंगे तार जगह-जगह दिखाई दे रहे हैं, जिसके कारण यह भयानक दुर्घटना होने का संदेह है।
रेलवे और पुलिस घटना की जांच कर रही है। मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस जांच कर रही है कि लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है। रेलवे के सूत्रों का कहना है कि इंसुलेशन फेलियर के कारण केबल से करंट लीकेज की घटना हो सकती है। लेकिन रेलवे की कोई गलती नहीं है। रेलवे परिसर में नंगे तार की बात रेलवे स्वीकार नहीं कर रहा है। अगर इन तारों की और खासकर बारिश के दौरान बराबर जांच हो तो ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं।
अपनी राय बतायें