दुनिया में लोकतंत्र मापने की संस्था Freedom House ने भारत के लोकतंत्र को डाउनग्रेड कर आ़ंशिक स्वतंत्र की कैटेगरी में डाल दिया है । क्यों ? आशुतोष के साथ चर्चा में प्रो आनंद कुमार, शिवकांत, उर्मिलेश और रविकांत, आलोक जोशी
पत्रकारिता में एक लंबी पारी और राजनीति में 20-20 खेलने के बाद आशुतोष पिछले दिनों पत्रकारिता में लौट आए हैं। समाचार पत्रों में लिखी उनकी टिप्पणियाँ 'मुखौटे का राजधर्म' नामक संग्रह से प्रकाशित हो चुका है। उनकी अन्य प्रकाशित पुस्तकों में अन्ना आंदोलन पर भी लिखी एक किताब भी है।