पंजाब में सिखों की धार्मिक और राजनीतिक सियासत पर नजर डालना जरूरी है। इधर, अकाल तख्त साहिब, एसजीपीसी और शिरोमणि अकाली दल में कई घटनाक्रम हुए हैं। जानियेः
न्यू यॉर्क के गुरुद्वारे में भारतीय दूत तरणजीत सिंह संधू के साथ अलगाववादियों की भीड़ ने बदसलूकी की। वो लोग मारे जा चुके आतंकी हरदीप सिंह निज्जर और गुरपतवंत सिंह पन्नू के बारे में बोल रहे थे।
सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था एसजीपीसी ने यूसीसी पर सख्त ऐतराज जताते हुए कहा है कि इसे लागू नहीं होने देंगे। अपने विरोध में अन्य अल्पसंख्यकों को भी शामिल करेंगे।
समूचे पंजाब और सरहदी सूबों में 'ऑपरेशन अमृतपाल सिंह' निरंतर जारी है लेकिन चौतरफा यह सवाल भी शिद्दत के साथ पूछा जा रहा है कि आखिर अमृतपाल सिंह है कहां? पंजाब से अमरीक की ताजतरीन रिपोर्टः
पंजाब में खालिस्तानी नेता अमृतपाल सिंह खालसा और उसके समर्थकों पर एक्शन को पंजाब के विपक्षी दलों का समर्थन मिल रहा है। हालांकि शिरोमणि अकाली दल और बादल परिवार ने चुप्पी साध ली है। लेकिन कांग्रेस औऱ बीजेपी नेता खुलकर सरकारी कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं।