देश के शीर्ष कॉलेजों में दलित और आदिवासी छात्रों की भागीदारी चिंताजनक रूप से कम क्यों है? क्या आरक्षण का सही से पालन नहीं हो रहा? जानें शिक्षा में सामाजिक असमानता का विश्लेषण।
देश के 44 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में 6,074 पद रिक्त हैं, जिनमें से 75 प्रतिशत पद आरक्षित श्रेणी के हैं। अन्य पिछड़े वर्ग के आधे से ज़्यादा पद खाली पड़े हैं।