गुजरात के एक दलित होम्योपैथी छात्र ने अपने सुसाइड नोट में प्रताड़ना का आरोप लगाया है, जिसके बाद परिवार ने न्याय की मांग की है। जानिए छात्रा को आख़िर आत्महत्या के लिए क्यों मजबूर होना पड़ा।
प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स फोरम (पीएसएफ) ने आरोप लगाया कि संस्थान का यह निर्णय एक विरोध मार्च में छात्र की भागीदारी से जुड़ा है। केंद्र सरकार की कथित छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ उसने जनवरी में दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया था जिसके कारण संस्थान ने यह कदम उठाया है।