केरल की मुख्य सचिव शारदा मुरलीधरन ने नस्लीय और जाति-आधारित पूर्वाग्रह के खिलाफ़ बोला है। देश में इस व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। लेकिन आरएसएस और बीजेपी सामाजिक समरसता के जो दावे करते हैं, वे दावे अब शारदा मुरलीधरन के तथ्यों के सामने खोखले साबित हो रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार अनंत मित्तल की टिप्पणीः