भारतीय प्रधानमंत्री का सुरक्षा विवरण और अन्य संवेदनशील रक्षा डेटा हैकरों ने लीक कर डार्क वेब पर डाल दिया। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताएँ बढ़ गई हैं। जानिए साइबर हमला कैसे हुआ, डेटा उल्लंघन की सीमा क्या थी और भारत की रक्षा प्रणाली पर इसके क्या प्रभाव होंगे।
इसे भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा डेटा लीक बताया जा रहा है। करीब 81.5 करोड़ भारतीयों का संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा लीक हो गया है और डार्क वेब पर सामने आया है। यह डेटा इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के डेटाबेस से लीक हुआ है।