सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर पौने दो लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य क्यों रखा गया है? सरकारी विभागों की खाली पड़ी ज़मीनों को बेचने के लिए एक एसपीवी बनाने का नया एलान क्यों किया गया?
वित्त मंत्री निर्मला सितारमण के बजट पर सेंसेक्स उछला है। एक समय इसमें 2000 से ज़्यादा अंकों का उछाल आ गया। निफ़्टी में भी ऐसा ही असर देखने को मिला और यह 14 हज़ार के पार पहुँच गया।
क्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2021 के ज़रिए कई राज्यों में होने वाले विधानसभाओं को साधने की कोशिश की है? क्या उन्होंने उन राज्यों की जनता को खुश करने के लिए कुछ एलान किए हैं, जिनके बल पर बीजेपी को वहाँ चुनाव प्रचार में सुविधा होगी?
ऐसे समय जब पहले से ही पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें आसमान छू रही हैं और दिल्ली जैसे कुछ शहरों में यह अब तक की रिकार्ड ऊंचाई पर है, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उस पर कृषि अधिभार यानी सेस लगा दिया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की यह घोषणा कि वे जो बजट पेश करेंगी, वैसा बजट अब तक कभी पेश नहीं किया गया है, लोगों का ध्यान खींचती है। सवाल यह है कि इस बार के बजट से लोग क्या उम्मीद करें।
अर्थव्यवस्था का आईना समझा जाने वाला शेयर बाज़ार इस समय छलांगें लगा रहा है जबकि जीडीपी की दर माइनस में जा रही है। ऐसी मंदी कभी देखी नहीं गई थी और 2021 में भी इसके सुधरने के आसार कम ही हैं।
सेबी ने सीएनबीसी आवाज़ चैनल के कार्यक्रम स्टॉक 20-20 के होस्ट और स्टॉक्स एडिटर हेमंत घई पर रोक लगा दी है और कहा है कि वे शेयर बाज़ार में किसी भी तरह का काम नहीं कर सकते।