'आई वॉन्ट टू टॉक' जीवन के संघर्ष और उम्मीद की प्रेरणादायक कहानी है। अभिषेक बच्चन की बेहतरीन अदाकारी और शूजित सरकार के उत्कृष्ट निर्देशन ने इसे एक मार्मिक अनुभव बना दिया है। यह फिल्म दिल को छू लेने वाली भावना के साथ जीवन को नए नजरिए से देखने की प्रेरणा देती है। गहराई और सादगी से भरपूर फिल्में पसंद करते हैं, तो यह आपके लिए एक शानदार विकल्प है। डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी की समीक्षा :
राजस्थान उपचुनाव में कांग्रेस क्यों बुरी तरह हारी? क्यों उसके प्रत्याशी की जमानत तक ज़ब्त हो गई? क्या इसका कारण भितरघात था? वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा की रिपोर्ट-
अडानी पर राहुल गांधी ने ज़बर्दस्त हमला बोला । गिरफ़्तारी की माँग की । कांग्रेस के स्टैंड पर आशुतोष ने पार्टी की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत से बात । उनसे पूछा कि कांग्रेस की सरकारें भी तो अडानी से डील कर रही है ! क्यों नहीं वो अड़ानी से संबंध तोड़ती । और क्या राहुल इस मामले की जाँच कराने में कामयाब होंगे ?
जबकि अन्य सभी प्रमुख सर्वेक्षणकर्ताओं ने महाराष्ट्र में महायुति के लिए मामूली अंतर से जीत की भविष्यवाणी की है, प्रदीप गुप्ता के नेतृत्व वाले एक्सिस माई इंडिया ने एक कदम आगे बढ़कर भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति के लिए आरामदायक बहुमत की भविष्यवाणी की है, जो महा विकास अगाड़ी को बहुत पीछे छोड़ देता है। आइए जमीनी हकीकत का पता लगाएं
अमेरिकी कोर्ट के गिरफ़्तारी वारंट से मोदी सरकार और अडानी साम्राज्य कैसे हिल गया? क्या मोदी अडानी को गिरफ्तार करके किसी बड़ी एजंसी से जांच करवाएंगे? ये क्यों कहा जा रहा है कि अगर मोदी ने अडानी की जाँच करवाई तो वे ख़ुद फंस जाएंगे?
Hindi News India:Satya Hindi Bulletin for 19 November Updates। Modi। Yogi Adityanath। UP News। मोदी की मंत्री ने योगी सरकार की पोल खोली! “क्या किसी की लड़की को उठा कर ले जाएंगे?”
दिल्ली में ज़हरीली हवा का क़हर, हर साल मरते हैं 15 लाख लोग । फिर क्यों प्रदूषण पर कोई सरकार ध्यान नहीं देती और हर बार इसी वक्त ये चर्चा होती है और फिर भूल जाते हैं ? कौन है ज़िम्मेदार लोगों की ज़हरीली हवा से मौत का ? आशुतोष के साथ चर्चा में विमलेंदू झा, विक्रांत शर्मा और डा कार्तिकेय बत्रा ।
ईवीएम विशेषज्ञ माधव देशपांडे ने 20 सवाल उठाए हैं जिनका जवाब देने में चुनाव आयोग अब तक नाकाम रहा है. ओबामा प्रशासन के पूर्व सलाहकार देशपांडे का मानना है कि यदि मौजूदा मनमानी प्रथाएं जारी रहीं तो सत्तारूढ़ भाजपा चुनाव जीतती रहेगी। क्या सुप्रीम कोर्ट सुधारात्मक कदम उठाने के लिए हस्तक्षेप करेगा?