चौबेपुर थाने के पुलिसकर्मियों की जाँच शुरू की जा चुकी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अपराधी को गिरफ़्तार करने की योजना उन तक किसने पहुँचाई थी।
कानपुर के बिकरू में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे गैंग द्वारा पुलिसकर्मी का सिर धड़ से अलग कर दिया गया, पैरों की अंगुलियाँ काट दी गईं, शरीर को क्षत-विक्षत किया गया। यह माओवादी हमले जैसा था।
कानपुर देहात के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद पुलिस-प्रशासन ने शनिवार को कड़ी कार्रवाई करते हुए हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर को जेसीबी से ढहा दिया है।
उत्तर प्रदेश में भयमुक्त समाज और अपराध मुक्त प्रदेश के नारे के साथ सत्ता में आयी योगी सरकार की चूलें ताबड़तोड़ हो रही हत्याओं ने हिला दी है। अकेले गुरुवार और शुक्रवार सुबह तक आठ पुलिसवालों सहित डेढ़ दर्जन लोग मारे जा चुके हैं।
दुबे को बचपन से ही जरायम की दुनिया में नाम कमाने का शौक था। वह काफी समय से गैंग बनाकर लूटपाट और हत्याएं कर रहा है और इसीलिए उसका एक लंबा आपराधिक इतिहास है।
कानपुर देहात के बिकरू गांव में गुरूवार देर रात को हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने हमला कर दिया। इसमें 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं।
दिव्या अवस्थी ने ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे की ख़बर लिखने और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करने को लेकर शुभममणि को कई बार धमकाया था और फिर उनकी हत्या करा दी।