इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने कहा है कि विपक्ष संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक का एकजुटता से विरोध करेगा। जानिए, इस विधेयक पर सरकार और विपक्ष के बीच क्या रणनीति है।
तमिलनाडु विधानसभा में वक्फ बिल के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पास होने के बाद सियासी हलचल तेज़ हो गई है। क्या इसका असर नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू पर पड़ेगा? जानिए पूरी खबर।
सरकार वक्फ संशोधन विधेयक लाने के लिए तैयार है, और यह पहले से ही राजनीतिक तूफान खड़ा कर रहा है। विपक्षी दलों का तेज विरोध और मुस्लिम संगठनों की विरोध प्रदर्शन की तैयारियों के बीच, यह विधेयक पूरे देश में विवाद का केंद्र बना हुआ है। लेकिन इस विधेयक में ऐसा क्या है कि लोग इसके खिलाफ उठ खड़े हुए हैं?
वक्फ बिल के खिलाफ सोमवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। इसमें जहां तमाम अल्पसंख्यक संगठनों के लोग शामिल हुए, एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद ओवैसी भी शामिल हुए। हालांकि वक्फ बिल के समर्थन में भी कुछ हिन्दू संगठन पहुंचे लेकिन उनकी तादाद ज्यादा नहीं थी।
वक्फ जेपीसी रिपोर्ट में असहमति नोट के कुछ हिस्से हटाने पर पर संसद में काफी हंगामा मचा। बाद में शुद्धिपत्र के जरिये कुछ हिस्से जोड़ दिये गये। लेकिन हटाये गये और बाद में जोड़े गये अंश क्या हैं। क्या उससे वक्फ संशोधन बिल पर असर पड़ेगा। जानियेः
राज्यसभा में गुरुवार 13 फरवरी को वक्फ बिल (संशोधित) पर जेपीसी रिपोर्ट को पास कर दिया गया। विपक्ष ने इस पर काफी हंगामा किया और बाद में सदन का बहिष्कार कर दिया। यही रिपोर्ट लोकसभा में भी पेश की गई और वहां भी हंगामा हुआ। विवादित जेपीसी रिपोर्ट से आपत्तियों को हटाने का आरोप विपक्ष ने लगाया है।