संकट में घिरे उद्योगपति गौतम अडानी ने आज अचानक एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। आज ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक ट्वीट और एक वीडियो के जरिए अडानी समूह पर बड़ा हमला बोला। जानिए सारा राजनीतिक घटनाक्रमः
अजीत पवार ने कहा, ''मैं एनसीपी कार्यकर्ताओं को बताना बताना चाहता हूं,'चिंता न करें, एनसीपी का गठन शरद पवार के नेतृत्व में हुआ था, उसके बाद से कई बार ऐसा हुआ है, जब हम सत्ता में या विपक्ष में रहे हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति में तेजी से उतार चढ़ाव हो रहे हैं। आज खबरें गर्म हैं कि एनसीपी टूटने जा रही है। नेता विपक्ष अजीत पवार को एनसीपी के करीब 35 विधायकों का समर्थन प्राप्त है और वो कभी भी उन विधायकों के साथ बीजेपी से हाथ मिला सकते हैं।
महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अजित पवार भाजपा के साथ गठबंधन करने के इच्छुक हैं, और अपनी इस इच्छा को लेकर पार्टी प्रमुख शरद पवार को भी सूचित कर दिया है।
शरद पवार ने एक दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मुलाक़ात की थी और अब उनकी पार्टी कर्नाटक चुनाव में उतरने की तैयारी में है।
जिस शरद पवार को उनके हाल के बयानों को लेकर विपक्षी एकता को पलीता लगाने वाला और रंग बदलने वाला कहा गया था, आज उन्होंने ऐसा क्या कर दिया कि विपक्ष और मज़बूत होने की बात कही जाने लगी?
अडानी मुद्दे पर जेपीसी जांच का विरोध करने वाले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने यूटर्न ले लिया है। अब वो विपक्षी एकता के लिए जेपीसी जांच की मांग का समर्थन करने को तैयार हो गए हैं। यह बड़ा घटनाक्रम कांग्रेस की बुजुर्ग नेता सोनिया गांधी के विपक्षी एकता के आह्वान के बाद सामने आया। जानिए पूरी राजनीतिः
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अब पीएम की डिग्री पर सवाल किए जाने को गैर जरूरी मुद्दा बताया है। हाल ही में अडानी मुद्दे पर उन्होंने कुछ ऐसा ही रुख अपनाया था। रंग बदलते पवार विपक्षी एकता के लिए खतरनाक होते जा रहे हैं।
कांग्रेस ने अडानी के साथ शरद पवार की फोटो ट्वीट करते हुए उन्हें लालची कहा तो बीजेपी की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया आई। शरद पवार के बचाव में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और प्रवक्ता शहजाद पूनावाला उतर पड़े। जानिए पूरा घटनाक्रमः
राहुल पर जबावी हमला करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि बोफोर्स घोटाले और नेशनल हेराल्ड के मामले में उनसे सवाल न करना उनकी शालीनता थी।
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने एनसीपी नेता शरद पवार के संदर्भ में बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि पवार के बयान से विपक्षी एकता में कोई दरार नहीं आएगी। महाराष्ट्र में एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) का गठबंधन कायम है। पहले इसे एमवीए यानी महा विकास अघाड़ी कहा जाता था।
एनसीपी चीफ शरद पवार ने आज शनिवार को अडानी मामले में विपक्ष की जेपीसी जांच की मांग खारिज कर दी। आखिर पवार ने कल की बात को आज फिर क्यों दोहराया। इसका क्या मतलब है। जानिए।