बीजेपी और संघ जहां सावरकर को वीर, देशभक्त और क्रांतिकारी बताते हैं, वहीं कांग्रेस का कहना है कि सावरकर ने अंग्रेजों से रिहाई की भीख मांगी थी और जेल से आज़ादी के बदले अंग्रेजों की ग़ुलामी स्वीकार की थी।
सावरकर पर मध्य प्रदेश में फिर घमासान है। एक एनजीओ सरकारी हाईस्कूल में सावरकर की तसवीर वाले और उनकी जीवनी लिखे रजिस्टर बाँटने पर प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया।