शफ़ीक़ुर्रहमान बर्क़ के बाद आज़म खान के समर्थकों ने भी अखिलेश यादव से नाराज़गी जताई है। लेकिन सवाल यह है कि मुसलमान सपा को छोड़ने की सूरत में किसके साथ जा सकते हैं?
उत्तर प्रदेश की सियासत में इस बात की जोरदार चर्चा है कि शिवपाल यादव और आज़म ख़ान सपा छोड़ सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो यह निश्चित रूप से अखिलेश यादव के लिए जोरदार झटका होगा
2022 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश ने करहल की सीट से जीत हासिल की थी। इस सीट पर उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री एस पी सिंह बघेल को 60 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से मात दी थी।
यूपी में अब एमएलसी चुनाव होने वाले हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 14 यादवों को मैदान में उतार दिया है, जबकि मात्र दो मुसलमानों को टिकट दिया है। सपा पर पहले भी यादव पार्टी होने का आरोप लगा था लेकिन तब अखिलेश ने इसे नई सपा बताया था।
यूपी चुनाव के नतीजों में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सीखने के लिए बहुत कुछ है। बशर्तें कि वे सीखें। अगर वो फिर चार साल निष्क्रिय हो गए या विदेश घूमने निकल गए तो पार्टी के कार्यकर्ताओं का उत्साह टूट जाएगा।
यूपी विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद सपा और अखिलेश यादव को तेजी से खारिज करने की कोशिश कतिपय टीवी चैनलों की बहसों में हो रही है। लेकिन दरअसल यह चुनाव सपा के लिए मौका लाया है और उसके हालात और बेहतर होने वाले हैं।
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