राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिन्दू परिषद, भारतीय जनता पार्टी के लिए अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण असली मुद्दा नहीं था, असली मुद्दा था, इसी बहाने केंद्र की सत्ता पर कब्जा करना।
‘राष्ट्रवाद’ और 'हिटलर के राष्ट्रवाद' के शोर के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की इस पर प्रतिक्रिया आयी है। उन्होंने कहा है कि भारत का ‘राष्ट्रवाद’ हिटलर के ‘राष्ट्रवाद’ से अलग है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने विजयदशमी पर स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा है कि लिन्चिंग विदेशी शब्द है जो भारत को बदनाम करने के लिए है।
सुनिये सच - दिनभर की बड़ी ख़बरों का विश्लेषण। ‘5 सालों में भारत की हालत देखकर महात्मा गाँधी भी दुखी होंगे’, गाँधी जयंती पर पीएम मोदी ने न्यूयॉर्क टाइम्स में लिखा लेख।
आरएसएस और हिंदुत्ववादी भारत के मुसलमानों को औरंगज़ेब से प्रेरित क्यों मानते हैं और क्यों उन्हें गाहे-बगाहे औरंगज़ेब के भाई दारा शिकोह के रास्ते पर चलने की सलाह देते हैं?
आरएसएस यह प्रचारित क्यों करता रहा कि नेहरू ने अनुच्छेद 370 देश पर थोपा था और उनके गृह मंत्री पटेल इसके ख़िलाफ़ थे? क्या यह सच है? जानिए, दस्तावेज़ों में संघ के दावे कितने सही।
श्वेत-नस्लवादी ब्रेन्टन टैरंट ने आख़िर क्यों 49 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया, जिन्हें वह जानता तक नहीं था? उसके दिमा में में उस वक़्त क्या चल रहा था?