महंगाई सिर्फ विपक्ष को दिखती है जनता को नहीं। महंगाई है कहां? यूपीए के दौर में तो इससे बहुत ज्यादा महंगाई थी? दुनिया के दूसरे देशों को देखो वहां हमसे ज्यादा महंगाई है। यह सब कहना है सरकार का। लेकिन क्या कहता है अर्थशास्त्र का? अर्थशास्त्री प्रोफेसर अरविंद मोहन से आलोक जोशी की बातचीत।
Satya Hindi news Bulletin सत्य हिंदी समाचार बुलेटिन। वित्त मंत्री पर स्वामी का पलटवार- ‘भारत पिछले साल ही मंदी में आ गया’ । अल कायदा चीफ अल जवाहिरी यूएस हमले में मारा गया ।
महंगाई क्यों बढ़ी, जीएसटी की दर क्यों बढ़ाई, विकास दर कम क्यों है? अर्थव्यवस्था से जुड़े ऐसे सवालों पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण राजनीतिक भाषण क्यों देने लगीं? जानिए, क्या है वजह।
लंबे इंतजार के बाद संसद में महंगाई पर चर्चा हुई। लेकिन सरकार ने कहा सब चंगा सी। तो फिक्र की कोई बात नहीं है? या सरकार सब संभाल लेगी? अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा से आलोक जोशी की बात।
केंद्र सरकार ने बढ़ती महंगाई के बचाव में संसद में पुराने तर्क ही पेश किए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ग्लोबल एजेंसियों ने भारत को तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया है। हमारा देश मंदी का शिकार नहीं होगा। कांग्रेस ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया।
पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष शासित राज्यों को सलाह दी कि वो अपना वैट घटाकर उपभोक्ताओं को राहत दें। इस पर तमिलनाडु के वित्त मंत्री पलानीवेल त्यागराजन ने बहुत करारा जवाब दिया है। उन्होंने निर्मला के पूरे बयान को पाखंड बताया।
केंद्र सरकार ने शनिवार को पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी कर दी, ताकि पेट्रोल डीजल के दाम घटाए जा सकें। लेकिन कांग्रेस और बाकी विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला कि सरकार आंकड़ों की बाजीगरी करके जनता को बेवकूफ नहीं बनाए। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को विपक्ष को आंकड़ों के साथ कड़ा जवाब दिया।
जिस रिपोर्ट में कहा गया था कि शीर्ष के 1 फ़ीसदी आबादी के पास क़रीब 22 फ़ीसदी आय है, क्या वह सही नहीं थी? जानिए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या कहा।