मध्य प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजों की तस्वीर साफ हो गई है। बीजेपी पिछले चुनाव के मुकाबले बड़े नुकसान की स्थिति में रही है। चुनाव परिणामों में पिछड़ जाना बीजेपी के लिये ‘खतरे की घंटी’ करार दिया जा रहा है!
ये कैसा गांधी है? यह सवाल, मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक वीर सिंह भूरिया को लेकर हो रहा है। क्षेत्र के लोग उन्हें गांधी मानते हैं, मगर गांधी जी के आचरण के ठीक उलट, विधायक जी को जूता निकालकर किसी कर्मचारी की पिटाई करने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी?
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की रिपोर्ट पर चुनाव आयोग ने एमपी सरकार को निर्देश दिया है कि वह शक के घेरे में आए सभी तत्कालीन मंत्रियों और अफ़सरों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करे। कमलनाथ की मुश्किल बढ़ेगी।
मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव में ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’ निकालने वाले नामदेव दास त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा के अवैध आश्रम और दूसरे अतिक्रमणों को तोड़ दिया गया है। इतना ही नहीं, विरोध जताने पर बाबा को गिरफ़्तार कर जेल भी भेज दिया गया है।
जिस तरह बीजेपी ‘फु़लफ़ॉर्म’ में है, उसमें यदि कमलनाथ ने बीजेपी के दो विधायकों को तोड़ लिया तो यह सामान्य बात नहीं है। कमलानाथ के इस ‘मास्टर स्ट्रोक’ के पीछे क्या रही रणनीति?
मध्य प्रदेश में बीजेपी पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ कर दी। बीजेपी के दो विधायकों को तोड़कर लिया। बीजेपी के पाँच विधायक संपर्क में होने का दावा भी कांग्रेस खेमे ने किया है।