‘राष्ट्रवाद’ और 'हिटलर के राष्ट्रवाद' के शोर के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की इस पर प्रतिक्रिया आयी है। उन्होंने कहा है कि भारत का ‘राष्ट्रवाद’ हिटलर के ‘राष्ट्रवाद’ से अलग है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने विजयदशमी पर स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा है कि लिन्चिंग विदेशी शब्द है जो भारत को बदनाम करने के लिए है।
साध्वी प्रज्ञा का समर्थन करके संघ उन लोगों को समर्थन दे रहा है जिन्होंने कभी उसके सरसंघचालक मोहन भागवत और बड़े नेता इंद्रेश कुमार की हत्या की साज़िश रची थी।