अमेरिकी खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता जताई, लेकिन क्या यह चिंता भारत सहित अन्य देशों में मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर लागू होती है? पढ़िए विश्लेषण।
बांग्लादेश में जो सिद्धांत ‘धर्म’ है, वह भारत की सरहद के अंदर ‘अधर्म’ कैसे हो सकता है? भारत में अल्पसंख्यकों से नफ़रत को ही ‘धर्म’ का पर्याय बना देना क्या है?