चुनाव दो महीने दूर । एक तरफ राममंदिर का शोर तो दूसरी तरफ राहुल की भारत जोड़ो न्याय यात्रा । एक तरफ बीजेपी की तैयारी तो दूसरी तरफ 28 दलों में सीटों का गठबंधन ? अगर हो जाये किसकी बनेगी सरकार ? क्या कहते हैं चुनावों के विशेषज्ञ ? बीजेपी या इंडिया ?
यूपी में अब विपक्षी गठबंधन 'इंडिया ' की ताकत का आकलन करना चाहिए. मायावती का रुख साफ़ हो चुका है. विधानसभा में भी साफ़ था. पर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, लोकदल और कई छोटे दल एक साथ चुनाव लड़ेंगे. उनकी साझा ताकत कितनी है? आज की जनादेश चर्चा.
इंडिया गठबंधन में क्या चीजें अब दुरुस्त हो रही हैं? लोकसभा चुनाव से पहले मेयर के चुनाव के लिए आप और कांग्रेस के बीच सहमति के क्या मायने हैं? जाानिए, आप नेता राघव चड्ढा ने क्या कहा।
मल्लिकार्जुन खड़गे को अध्यक्ष बनाकर इंडिया गठबंधन ने क्या संदेश दिया है? क्या खड़गे मोदी को टक्कर देने में सक्षम हो पाएंगे? क्या इंडिया मोदी के ख़िलाफ़ खड़गे और नीतीश की जोड़ी को सामने रखना चाहता है?
विपक्षी इंडिया गठबंधन की बैठक शनिवार को हुई। इस वर्चुअल बैठक में विभिन्न विपक्षी दलों के नेता मौजूद थे लेकिन टीएमसी नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौजूद नहीं रही। इसको लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के मकसद से एकजुट हुए विपक्षी दलों के समूह इंडिया गठबंधन की एक वर्चुअल बैठक शनिवार को होने जा रही है। यह बैठक सुबह 11.30 बजे से होगी।
क्या इंडिया गठबंधन में सीट बँटवारा होना मुश्किल है? लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी जहाँ आक्रामक अभियान में जुटी है, वहीं सीट बँटवारे के लिए टीएमसी कांग्रेस के साथ बात करने को भी राजी क्यों नहीं?
Satya Hindi news Bulletin हिंदी समाचार | वरुण गांधी व मेनका गांधी, इंडिया गठबंधन से लड़ सकते हैं चुनाव? | सोनिया गांधी-खड़गे का राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जाने से इनकार
नीतीश की महत्वाकांक्षा इंडिया गठबंधन को ले न डूबे । जेडीयू के के सी त्यागी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला । कांग्रेस जल्दी नहीं कर रही है और समय निकलता जा रहा है । कनवीनर पर बोले खडगे का बयान ठीक नहीं है । क्यों जेडीयू ने किया हमला ? क्या इससे इंडिया की छवि खराब नहीं हो रही है ? ऐसे तो टूट जायेगी
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की ओर से तमाम बयानबाजियों के बाद भी क्या लोकसभा चुनाव के लिए सीट बँटवारे की कोई गुंजाइश है? जानिए, दोनों दलों के बीच बैठक में क्या फ़ैसला हुआ।
इंडिया गठबंधन में फ़ैसले लेने में देरी क्यों हो रही है? क्या संयोजक की नियुक्ति और सीट बँटवारे पर फ़ैसला जल्द लिए जाने से नुक़सान नहीं हो रहा है? जानिए, जेडीयू क्यों कांग्रेस पर दोष मढ़ रहा है।
बिहार में सीटों को लेकर कांग्रेस ने जेडीयू और आरजेडी के साथ दिल्ली में औपचारिक बातचीत की। लेकिन बातचीत के बाद किसी भी तरह का ऐलान नहीं हुआ। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस को 5 सीटें बिहार में दी जा रही हैं, लेकिन कांग्रेस कम से कम 9 सीटें मांग रही है। इस तरह यह कहा जा सकता है कि बातचीत सिरे नहीं चढ़ी।
इंडिया गठबंधन में सीटों के बँटवारे पर कांग्रेस का बड़ा फ़ैसला । वो सिर्फ 255 सीटें लड़ेगी । बाकी सीटें सहयोगी दलों के लिये छोड़ा । क्या ये कांग्रेस के लिये सबसे बड़ा जोखिम साबित होगा ? या सबसे बड़ा मास्टर स्ट्रोक ?