देश की 70 प्रतिशत आबादी के खेती-किसानी पर निर्भर रहने के बावजूद क्यों कोई सरकार उनकी मूलभूत समस्याओं का समाधान खोजने में गहरी दिलचस्पी नहीं लेती है या अब तक समाधान ढूंढ नहीं पायी है।
ऐसे समय जब केंद्र सरकार अपनी ज़िद पर अड़ी है कि कृषि क़ानून 2020 किसी सूरत में रद्द नहीं होंगे, किसानों ने इस आन्दोलन को देश के कोने-कोने में ले जाने का फ़ैसला किया है।
योगेन्द्र यादव ने ‘आंदोलनभोगी’ कहकर किसपर निशाना साधा? पीएम मोदी से कौनसा गिफ्ट वापस लेने को बोले योगेन्द्र यादव? और किसानों के साथ बैठक में क्या बोलती है सरकार? देखिए वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिवेदी की स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेन्द्र यादव से ख़ास बातचीत। Satya Hindi
ऐसे समय जब कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ बीते ढाई महीने से किसान आन्दोलन चल रहा है और सरकार उनकी माँगें नहीं मान रही है, हरियाणा के कृषि मंत्री ने बेहद संवेदनहीन टिप्पणी की है।
Satya Hindi News Bulletin। सत्य हिंदी समाचार बुलेटिन। टिकैत : बीजेपी को 98% हिंदुओं ने वोट दिया, अब 2% ही देंगे‘कृषि क़ानूनों को लेकर कैंपेन में केंद्र ने खर्च किए 8 करोड़’।
सरकार ने सुधारों के नाम पर जनता के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस को बयानबाजियों और दूसरे के धरनों व रैलियों में जाने से इतर अपनी रणनीति साफ़ करने की ज़रूरत है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चौधरी चरण सिंह का हवाला देकर और हाशिए वाले किसानों की दयनीय स्थिति की तरफ़ इशारा कर अपनी सरकार के कृषि सुधार क़ानूनों का बचाव किया है।
Satya Hindi News Bulletin। सत्य हिंदी समाचार बुलेटिन।पीएम बोले - आंदोलन कर रहे किसान अफ़वाहों के शिकार । पीएम के भाषण के दौरान कांग्रेस ने सदन से किया वॉकआउट