कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली में लॉकडाउन के बीच ही अब नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ तीन महीने से भी ज़्यादा समय से शाहीन बाग़ में प्रदर्शन कर रहे लोगों को मंगलवार सुबह हटा दिया गया।
महाराष्ट्र में कई जगहों पर लॉकडाउन की घोषणा किये जाने के बावजूद लोग घरों से बाहर निकल रहे थे। इसी के मद्देनजर अब पूरे महाराष्ट्र में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
कोरोना वायरस की गंभीरता के मद्देनज़र सोमवार दोपहर 2 बजे से समूचे पंजाब के 22 ज़िलों और संबंधित कस्बों-गाँवों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इसकी घोषणा राज्य सरकार ने की है।
कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 'जनता कर्फ्यू' के तौर पर रविवार को भारत में भी लॉकडाउन है। मेडिकल जैसी ज़रूरी सेवाएँ ही जारी रहेंगी, बाक़ी सारे प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। दिल्ली में कैसे हैं हालात। तसवीरों में देखिए।
कोरोना वायरस को लेकर देश भर में पाबंदी और 'जनता कर्फ्यू' के बीच शाहीन बाग़ में प्रदर्शन स्थल पर पेट्रोल बम फेंके गए। इसमें कोई घायल नहीं हुआ है। बम फेंकने वालों के बारे में कुछ भी पता नहीं चला सका है।
कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली सहित देश भर में उठाए रहे सख्त क़दमों के बीच अब दिल्ली मेट्रो ने भी एडवाइजरी जारी की है। अब मेट्रो में यात्रियों को एक सीट छोड़कर ही बैठना होगा और खड़े होकर यात्रा करने की इजाज़त नहीं होगी।
सुप्रीम कोर्ट के फ्लोर टेस्ट के आदेश और स्पीकर एनपी प्रजापति द्वारा कांग्रेस के 16 बाग़ी विधायकों के इस्तीफ़े मंजूर कर लिए जाने के बाद कमलनाथ सरकार के बच पाने की संभावनाएँ लगभग ख़त्म हो गई हैं। फ्लोर टेस्ट के लिए दो बजे का समय सुनिश्चित किया गया है।
मध्य प्रदेश में चल रहे सियासी संकट में गुरुवार रात को बड़ा घटनाक्रम हुआ है। विधानसभा स्पीकर ने कांग्रेस से बग़ावत करने वाले 16 बाग़ी विधायकों का इस्तीफ़ा देर रात को मंजूर कर लिया।
कोरोना वायरस से फैलने से पंजाब में स्थिति बिगड़ने पर सख्ती बढ़ा दी गई है। कोरोना वायरस के चलते फ़िलहाल राज्य में 'मेडिकल इमरजेंसी' है और पंजाब में आँशिक लॉकडाउन हो गया है।
निर्भया रेप और हत्याकांड मामले में चारो दोषियों को अब कल सुबह साढ़े पाँच बजे फाँसी दी जाएगी। दिल्ली कोर्ट ने फाँसी को टालने के लिए दायर की गई याचिकाएँ रद्द कर दी हैं।
दुनिया भर में भले ही कोरोना वायरस को लेकर दहशत का माहौल हो लेकिन मध्य प्रदेश में नेताओं को सिर्फ कुर्सी की चिंता है और जनता की परेशानियों से शायद उन्हें कोई मतलब ही नहीं है।
कोरोना के चलते उत्तर प्रदेश में वसूली, कुर्की की कार्रवाई पर उच्च न्यायालय ने रोक दी है। इन सबके बाद नागरिकता संशोधन क़ानून यानी सीएए विरोधी हिंसा के आरोपियों को नोटिस, कुर्की, वसूली, मुक़दमों का सिलसिला रुका नहीं है।