राज्यमंत्री वी. के. सिंह ने मारे गए आतंकवादियों की संख्या को लेकर ट्वीट किया है। ट्वीट में उन्होंने सवाल पूछा है कि मच्छर मारने के बाद उन्हें गिनना क्या ज़रूरी है।
वॉट्सऐप फ़ेक न्यूज़ फैलाने का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। दिन भर में लाखों-करोड़ों लोगों तक उल-जलूल ख़बरें इस सोशल मीडिया प्लेटफ़ार्म के जरिये फैलाई जा रही हैं।
डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चों के लिए एक योजना का जिक़्र आने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए गए बयान को लेकर सोशल मीडिया पर काफ़ी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है।
बीजेपी ने जैसे ही आज सुबह अपने ट्विटर हैंडल पर बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिन में दुनिया की सबसे बड़ी वीडियो कॉन्फ़्रेंस को संबोधित करेंगे तो लोग भड़क उठे।
देश में अभिनंदन को पाकिस्तान से वापस लाने के लिए आवाज़ उठ रही है। लेकिन बीजेपी आज 12.00 बजे से दुनिया की सबसे बड़ी वीडियो कॉन्फ़्रेंस करने की तैयारी में जुटी है।
सोशल मीडिया पर लोग सवाल पूछ रहे हैं कि जब पाकिस्तान ने अभिनंदन को अपने क़ब्जे में ले लिया है तब क्या बीजेपी अपनी सबसे बड़ी वीडियो कॉन्फ़्रेंस को रद्द करेगी।
पुलवामा में सीआरपीएफ़ काफ़िले पर आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर फ़ेक न्यूज़ की बाढ़-सी ला दी गयी है। यहाँ सवाल उठता है कि चुनाव से पहले यह कहीं राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश तो नहीं है?
ट्विटर पर आने के 24 घंटे में प्रियंका के फ़ॉलोवर्स की संख्या 1 लाख 40 हज़ार का आँकड़ा पार कर गई। इससे पहले रजनीकांत ने एक ही दिन में 2 लाख 15 हज़ार फ़ॉलोवर्स बना लिए थे।
बीजेपी ने अपने ट्विटर हैंडल पर वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में अपनी बात लोगों तक पहुँचाने के लिए वह ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग के ‘आज़ादी’ के नारों का सहारा ले रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने आज अल्पसंख्यक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमले किए। राहुल के बयान पर ट्विटर पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ आई हैं।
मोदी सरकार के फ़ैसले में दिए आरक्षण का लाभ केवल वे लोग ही उठा सकेंगे, जिनकी सालाना आय 8 लाख रुपये से कम है। इसे लेकर लोग सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं।
बीजेपी से जुड़े किसी शख़्स ने फ़ेसबुक पर राहुल गाँधी और उनकी बहन प्रियंका वाड्रा से जुड़ी अभद्र टिप्पणी की, जिससे कांग्रेस बेहद ख़फ़ा है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
बॉलिवुड के जाने-माने कलाकार नसीरुद्दीन शाह को देश के मौजूदा हालात पर गुस्सा आता है जहाँ एक गाय की मौत को ज़्यादा अहमियत दी जाती है एक पुलिसवाले की मौत से।