यूपी चुनाव 2022 में बीजेपी के कोर वोटर को लुभाने के लिए सारे राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत लगा दी है। समाजवादी पार्टी ने भी इसी वजह से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भगवान परशुराम की मूर्ति एक मंदिर में स्थापित करा दी है।
तमाम आला नेता तो बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार में जुटे ही हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी चाणक्य कहे जाने वाले गृह मंत्री अमित शाह की बड़ी भूमिका इस चुनाव में रहेगी।
आरएसएस ने हैदराबाद में 5 जनवरी को बीजेपी के साथ समन्वय बैठक बुलाई है। हालांकि एजेंडा हैदराबाद के नाम बदलने पर बताया गया है लेकिन दरअसल यह बैठक यूपी समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव को लेकर है। यूपी के राजनीतिक हालात को संघ उसकी राजनीतिक शाखा बीजेपी के अनुकूल नहीं मान रहा है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट
हैक होने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार को जांच
का आदेश दिया है। प्रियंका ने इसके लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया
था।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले प्रयागराज में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने समाजवादी पार्टी सहित दूसरे विपक्षी दलों पर हमला किया। जानिए, उन्होंने क्या-क्या कहा।
केंद्र सरकार पर अखिलेश यादव के फोन टैपिंग के आरोपों के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी आरोप लगाया है कि उनके बच्चों के इंस्टाग्राम एकाउंट सरकार ने हैक कराए।
पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया है और वे बीजेपी में शामिल हो गए हैं। सोढ़ी गुर सहाय सीट से चार बार विधायक रहे हैं।
यूपी चुनाव में ध्रुवीकरण नई चीज नहीं है। लेकिन 2017 में यूपी विधानसभा और 2019 में केंद्र में बीजेपी सरकार बनने के बाद यह उम्मीद थी कि इस बार शायद विकास के मुद्दे पर कम से कम बीजेपी चुनाव लड़ेगी। लेकिन सारा माहौल धार्मिक और जातीय ध्रुवीकरण की तरफ बढ़ता दिख रहा है। इस खेल में सारे राजनीतिक दल शामिल हैं।