जनमोर्चा अख़बार के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार शीतला सिंह का निधन हो गया। जानिए, पत्रकारिता को लेकर उनकी क्या राय थी और उनकी पत्रकारिता को आने वाले समय में कैसे याद किया जाएगा।
भारत प्रेस परिषद के सदस्य रहे और यश भारती पुरस्कार से सम्मानित शीतला सिंह का पत्रकारिता के क्षेत्र में क्या योगदान रहा, जानिए उन्हें लोग कैसे याद कर रहे हैं।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल का मंगलवार को निधन हो गया। जानिए, पंजाब और देश की राजनीति में उनका योगदान कैसा रहा।
एक हफ़्ते से अधिक समय से अस्पताल में भर्ती पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल नहीं रहे। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर कई नेताओं ने उनको श्रद्धांजलि दी है।
अक्सर विवादित टिप्पणियों के लिए सुर्खियों में रहने वाले पाकिस्तानी-कनाडाई लेखक तारेक फतह नहीं रहे। जानिए, उनकी बेटी नताशा ने तारेक फतह के भारत से जुड़ाव को लेकर क्या कहा।
वरिष्ठ पत्रकार अभय छजलानी का आज निधन हो गया। जानिए उनका पत्रकारिता में क्या योगदान था और उन्हें कैसे याद किया जाएगा। वरिष्ठ पत्रकार रामशरण जोशी की क़लम से।
असली डॉ. वैदिक वे नहीं थे जो दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के लाउंज, उसके लंच-डिनर हॉल, सार्वजनिक समारोहों या राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय गोष्ठियों में बोलते नज़र आते थे। जानिए, श्रवण गर्ग उनको कैसे याद करते हैं।
जाने-माने पत्रकार वेद प्रताप वैदिक का आज मंगलवार को गुड़गांव में निधन हो गया। वह अपने जीवन में अंतिम समय तक सक्रिय रहे। उनके लेख तमाम पत्र-पत्रिकाओं और ऑनलाइन पोर्टल पर प्रकाशित होते रहते थे। वो विदेशी मामलों के अच्छे जानकार थे।
हिन्दी सिनेमा का जाना-माना नाम कल रविवार को हमसे बिछड़ गया। शरद दत्त का जाना सिनेमाई पत्रकारिता के एक स्तंभ का जाना है। पत्रकार अमरीक ने शरद दत्त की जिन्दगी के अनछुए पहलुओं को देखने की कोशिश की है।
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ का आज निधन हो गया। जानिए जम्मू कश्मीर में घुसपैठ कराने वाले मुशर्रफ़ आख़िर शांति वार्ता की बात कैसे करने लगे थे।