इस साल मध्य प्रदेश में चुनाव होने हैं और कांग्रेस के लिए प्रियंका गांधी ने राज्य में एक बड़े अभियान की शुरुआत कर दी है। तो कांग्रेस की कैसी होगी रणनीति और बीजेपी को पटखनी देने के लिए क्या होगा पैंतरा?
कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले वहां हिजाब के मुद्दे को जबरदस्त ढंग से उभारा गया। ऐसा सिर्फ हिन्दू मतदाताओं के ध्रुवीकरण के लिए किया गया। मध्य प्रदेश में भी इस साल विधानसभा चुनाव संभावित हैं। भाजपा ने अभी से इस मुद्दे को उठाना शुरू कल दिया है।
मुरैना के गांव में पुरानी रंजिश को लेकर 6 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कुल 8 लोगों को गोली लगी थी। यह अपने समय के कुख्यात डकैत पान सिंह तोमर का इलाका है।
चुनाव कर्नाटक में हो रहे हैं। पीएम मोदी वहां जय बजरंग बली बोल रहे हैं लेकिन उसकी प्रतिक्रिया आरएसएस से जुड़ा संगठन बजरंग दल दूसरे राज्यों में दे रहा है। कई राज्यों में बजरंग दल ने जहां प्रदर्शन किए, वहीं मध्य प्रदेश में कांग्रेस के दफ्तर पर हमला कर दिया।
रघुराज सिंह कंसाना 2018 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। विधायक चुने जाने के कुछ समय बाद ही, कमलनाथ सरकार ने उनके खिलाफ दर्ज कराए गए मामलों को खारिज करने का प्रयास किया
राज्य धार्मिक न्यास और
धर्मस्व मंत्रालय की उप सचिव पुष्पा कलेश द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र में मंदिर
समिति से 17 जनवरी को जारी निर्देश का पालन करने और एक रिपोर्ट
देने के लिए कहा गया है।
रामनवमी के दिन मंदिर की बावड़ी के ऊपर बनी छत ज्यादा भीड़ के कारण टूट कर गिर गई, मंदिर परिसर में जब यह घटना हुई समय हवन चल रहा था। निजी ट्रस्ट द्वारा संचालित, मंदिर स्नेह नगर में स्थित है, जो इंदौर की सबसे पुरानी आवासीय कॉलोनियों में से एक है।
इंदौर के बेलेश्वर महादेव मंदिर में हुए हादसे की पड़ताव एनडीटीवी ने की है और दस्तावेजों के हवाले से बताया है कि पूरा मंदिर क्षेत्र अवैध है। नगर निगम ने जब कार्रवाई की कोशिश की तो धार्मिक भावनाएं भड़कने की चेतावनी दी गई और एक्शन रोक दिया गया। अगर यह लापरवाही न होती तो 36 बेशकीमती जानों को बचाया जा सकता था।
इंदौर के स्नेह नगर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में हादसे की वजह क्या रही? आख़िर इसकी देखरेख की ज़िम्मेदारी किसकी थी और क्या समय पर मरम्मत की गई थी?
हादसा इंदौर के स्नेह नगर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में हुआ। प्रत्यदर्शियों के अनुसार मंदिर में राम जन्म का उत्सव मनाया जा रहा था। पूजा-अर्चना के बाद हवन चल रहा था। घटना के वक्त मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। जिसे जहां जगह मिली वह वहां से पूजा-अर्चना और हवन में जुटा रहा।