अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर लगातार निराश करने वाली ख़बरें आ रही हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गिरती अर्थव्यवस्था को संभाल पायेंगे और क्या उनके पास इस संकट से निपटने के लिए अच्छी टीम है।
अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेन्सी मूडीज़ ने साल 2019-2020 के लिए भारत के सकल घरेल उत्पाद की अनुमानित वृद्धि दर घटा कर 5.8 प्रतिशत कर दिया, पहले यह 6.2 प्रतिशत थी।
आर्थिक मोर्चे पर घिरी केंद्र सरकार को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़, अगस्त महीने में 8 कोर सेक्टर की विकास दर में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।