पूरी अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में पहले से ही है, दूरसंचार क्षेत्र की कंपनयों पर संकट बढ़ता जा रहा है, एक ही कंपनी का वर्चस्व बढ़ रहा है। क्या है मामला?
जम्मू-कश्मीर का सेब व्याापार ट्रक और मजदूरों की किल्लत से संकट में हैं। कश्मीर ने बहुत बड़े निवेश और आर्थित विकास की बात करने वाली सरकार ने उन्हें किसके भरोसे छोड़ दिया है?
ख़राब आर्थिक हालत के लिए अब आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने सरकार को निशाने पर लिया है। राजन ने कहा है कि 'केंद्रीय सत्ता' भारत को एक 'अंधेरे और अनिश्चित रास्ते' पर ले जा रही है।
मोदी सरकार के क़ानून मंत्री का बयान आर्थिक मंदी की वजह से अपनी नौकरियां गंवा देने वाले या व्यापार में घाटे की वजह से परेशान व्यापारियों के जख्मों पर नमक छिड़कने वाला है।
देश का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक साढ़े छह साल में सबसे कम है। जुलाई के मुक़ाबले अगस्त में औद्योगिक विकास 4.3 प्रतिशत से घटकर -1.10 प्रतिशत पर आ गया है। ऐसा क्यों हुआ, सरकार बताएगी?