भारतीय उद्योग जगत ने बजट का मोटे तौर पर स्वागत किया है और इसके कुछ उपायों की तारीफ की है। उद्योग ने सबसे ज़्यादा खुशी लाभांश पर दिए जाने वाले कर को हटाने पर जताई है। लेकिन कुछ दूसरी घोषणाओं पर आशंका भी जताई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी बीमा कंपनी जीवन बीमा निगम की हिस्सेदारी का बड़ा भाग बेचने का एलान कर सबको चौंका दिया है। उनकी इस घोषणा से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
नए बजट में टैक्स दरों में भारी बदलाव किया गया है। 5 लाख से 15 तक की आय पर लगने वाला टैक्स पहले के मुक़ाबले कम कर दिया गया है। इससे लगता है कि करदाताओं को इससे काफ़ी लाभ होगा। लेकिन ऐसा है नहीं।
शेयर बाज़ार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 2020 के बजट से निराश है। बजट में 988 अंकों की गिरावट आई है। जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट पेश करने से पहले ही नकारात्मक हो गया था।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए उम्मीद जताई है कि अगले वित्तीय वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी वृद्धि दर 6 से 6.50 प्रतिशत हो सकती है।
एक दिन बाद जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश कर रही होंगी तब उनके सामने 2020 की भारत की अर्थव्यवस्था की वह तस्वीर होगी जो पहले से ज़्यादा बदहाली की कगार पर है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा है कि साल 2020 में भारत में आर्थिक मंदी पहले के अनुमान से ज़्यादा होगी। नतीजतन, भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति बदतर होगी।