आर्थिक विकास दर के गिरने की जिस तरह की संभावना पहले जताई जा रही थी, कुछ उसी तरह की रिपोर्ट इस तिमाही में आई है। जानिए, ताज़ा आँकड़े क्या संकेत देते हैं।
दुनिया भर में महंगाई बढ़ रही है और इसका असर राजनीति पर भी पड़ रहा है। जानिए, आख़िर अमेरिका कैसे निपट रहा है और ब्रिटेन के दो प्रधानमंत्रियों ने कैसे निपटने की कोशिश की। भारत इनसे सबक़ लेगा?
अक्सर अपने बयानों को लेकर विवादों में रहने वाली देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अब रुपये के कमजोर होने पर ऐसा बयान दे दिया कि सोशल मीडिया पर उन पर अब तंज कसे जा रहे हैं।
क्या दुनिया में जिस आर्थिक मंदी की आशंका जताई जा रही है, उसका संकेत अब आईएमएएफ़ ने भी दे दिया है? जानिए, इसने दुनिया भर के देशों और भारत का विकास दर अनुमान क्यों घटाया।
अमेरिका, ब्रिटेन, चीन सहित दुनिया भर में आर्थिक हालात बेहद ख़राब होने के संकेत मिल रहे हैं तो क्या भारत इससे बच बाएगा? यदि भारत को इससे मुकाबला करना है तो इसे क्या करने की ज़रूरत है?
क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक हालात के ख़राब होने का असर भारत की विकास दर पर काफ़ी ज़्यादा पड़ेगा? जानिए, विश्व बैंक ने क्यों विकास दर अनुमान को क्यों घटाया।
कोरोना महामारी और लॉकडाउन के पहले साल में यानी 2020 में कितने लोग ग़रीबी में धकेल दिए गए, इस पर अब एक पुख्ता रिपोर्ट सामने आई है। जानिए, इससे कितने लोग प्रभावित हुए।
अमेरिका, ब्रिटेन, चीन सहित दुनिया भर में आर्थिक हालात बेहद ख़राब होने के संकेत मिल रहे हैं तो क्या भारत इससे बच बाएगा? यदि भारत को इससे मुकाबला करना है तो इसे क्या करने की ज़रूरत है?
आरबीआई ने बीते कुछ महीनों में लगातार रेपो रेट में बढ़ोतरी की है। रेपो रेट के बढ़ने से घर की ईएमआई यानी होम लोन, गाड़ियों के लिए लिए गए लोन और पर्सनल लोन भी महंगे हो जाएंगे।
दुनिया भर के देशों के सामने आ रहे आर्थिक संकट के बीच अब भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर आख़िर चिंताएँ क्यों उठने लगी हैं? क्या विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ रहा है इसलिए?