हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार 'सिर तोड़ने' का आदेश देने वाले करनाल एसडीएम और उस लाठीचार्ज की जाँच कराने को राजी हो गई है। किसानों ने आन्दोलन वापस ले लिया है।
करनाल में 'सिर फोड़ने' का आदेश देने वाले अधिकारी के ख़िलाफ़ जाँच की मांग के मामले में हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा है कि यदि दोषी हुए तो किसानों के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की जाएगी।
यूपी के मुज़फ़्फ़रनगर में किसान महापंचायत के बाद किसान मंगलवार को हरियाणा के करनाल में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। हरियाणा सरकार ने भारी पुलिस बल लगाया है और पाँच ज़िलों में मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया है।
किसानों को 'सिर फोड़ने' का आदेश देने के मामले को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सख़्ती को सही ठहरा रहे हैं। वह प्रदर्शनकारी किसानों पर पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए दिखाई दिए।
हरियाणा में पुलिस कार्रवाई में किसानों के घायल हुए दो दिन बीत गए, पर इसका आदेश देने वाले करनाल एसडीएम आयुष सिन्हा के ख़िलाफ़ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई है? उन्हें कौन बचा रहा है?
भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चड़ूनी ने रविवार को कहा है कि करनाल पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुए एक किसान की देर रात को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने संवैधानिक पद पर रहते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की आलोचना की है और उन्हें किसानों से माफ़ी माँगने को कहा है।
शनिवार को हरियाणा के करनाल में ज़बरदस्त लाठीचार्ज के बाद रविवार को नूह में किसानों ने महापंचायत शुरू कर दी है। पंजाब में कई जगहों पर राजमार्ग बंद कर दिया गया है।
करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा ने पुलिस कर्मियों से कहा कि 'एक सीमा से आगे किसी किसान को मत जाने दो, डंडा उठाओ और उन्हें जोर से मारो। उनका सिर तोड़ दो।' इसका वीडियो वायरल हो गया है।
गोरखनाथ समुदाय के अनुयायी संत गोरखनाथ को अपना गुरू मानते हैं। इस समुदाय के लोग बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिले थे और उनसे राज्य में इस शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की थी।