दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान बुधवार 5 फरवरी को होगा। मतदान से पहले जिस तरह आखिरी दिन पैसे बांटने, शराब बांटने से लेकर मतदाताओं को धमकाने के आरोप लगे हैं। चुनाव आयोग और ईवीएम को लेकर तमाम शक अभी भी बने हुए हैं। ऐसे में क्या निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद की जा सकती है।
मुख्यमंत्री आतिशी का विधानसभा क्षेत्र जंग का मैदान बन गया है। बीजेपी प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी पर तमाम आरोप लगे लेकिन पुलिस ने एफआईआर आतिशी और आप कार्यकर्ताओं पर दर्ज की है। दिल्ली में मतदान 5 फरवरी को है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार 3 फरवरी की शाम को बंद हो गया। चुनाव प्रचार की समय सीमा खत्म होते ही आप प्रमुख केजरीवाल ने एक महत्वपूर्ण ट्वीट एक्स पर किया।
दिल्ली में वोटिंग से सिर्फ़ पाँच दिन पहले ही आख़िर आप विधायकों ने इस्तीफ़ा क्यों दिया? इन्होंने आप पर जो आरोप लगाए क्या उसका असर चुनाव पर पड़ेगा? जानिए, आप ने इसके लिए बीजेपी पर क्या आरोप लगाया है।
आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविन्द केजरीवाल ने शुक्रवार को केंद्रीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को यमुना में जहर वाले बयान पर अपनी सफाई पेश की। उनकी सफाई पर आयोग ने कहा है कि वो अध्ययन कर रहा है, जल्द ही मेरिट के आधार पर फैसला लेगा।
क्या दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब तलाशी और छापेमारी का दौर शुरू हो गया है? जानिए, आख़िर चुनाव आयोग और पुलिस ने किस आधार पर कार्रवाई की और आप ने क्या आरोप लगाया है।
यमुना के पानी में 'ज़हर' मिलाने का विवाद ही अब इस चुनाव में मुद्दा होगा? जानिए, चुनाव आयोग ने और सबूत मांगे तो अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर ही क्या आरोप लगा दिए।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का घोषणापत्र गारंटी के रूप में जारी करते हुए पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को माना कि हम तीन मोर्चों पर नाकाम रहे। उधर, बीजेपी ने अपने वादों को मोदी की गारंटी बताकर पोस्टर जारी किया है।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शनिवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए बीजेपी के वादों की आखिरी किस्त जारी की। इससे पहले आम आदमी पार्टी और कांग्रेस भी कई किस्तों में अपने वादों की लिस्ट जारी कर चुके हैं।
आम आदमी पार्टी ने शनिवार को कथित बेईमान नेताओं का पोस्टर जारी किया। जिसमें मोदी, अमित शाह के साथ राहुल गांधी का फोटो भी है। हालांकि आप के सभी बड़े नेता खुद भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं।
आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन ने दिल्ली चुनाव लड़ने के लिए जमानत मांगी है। मामला सुप्रीम कोर्ट में है। वहां दो जजों की बेंच बुधवार 22 जनवरी को फैसले पर बंट गई। एक जज ने कहा जमानत मिलना चाहिए, दूसरे जज ने कहा जमानत नहीं मिलना चाहिए। बंटा हुआ फैसला आने के बाद इसे भारत के चीफ जस्टिस के पास भेजा गया है। इस केस में जज साहब के सवाल पढ़े जाने चाहिए।
दिल्ली विधानसभा के पिछले चुनाव में 9 सीटों पर जीत का अंतर मामूली रहा था। इस बार क्या होगा? इन सीटों पर इस बार जीत का अंतर और कम हुआ तो क्या पासा ही नहीं पलट जाएगा?
बीजेपी जिन घोषणाओं को लेकर आप पर रेवड़ियाँ बाँटने के आरोप लगाती रही थी, क्या अब वह खुद इसमें आगे निकल गई है? लेकिन क्या वह अपने वादों पर खरा उतर पाएगी?