आरजेडी के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी का एक बयान सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हुआ है? आख़िर उन्होंने किस वजह से कहा कि उनके बच्चे देश से बाहर ही बस जाएँ?
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने आज 21 दिसंबर को भारत जोड़ो यात्रा को लेकर बीजेपी पर हमला बोला। नीतीश कुमार ने कहा कि जब यात्रा लोकप्रिय हो रही है और दिल्ली के नजदीक है तो कोविड का शोर मचाया जा रहा है। जो लोग खुद जुलूस निकालते हैं वे यात्रा का विरोध कर रहे हैं।
बिहार के बेगुसराय में एक पुल उद्घाटन से पहले गिर गया। इसे लेकर करप्शन के तमाम आरोप हैं। इसमें घटिया क्वॉलिटी का क्रंकीट और सीमेंट इस्तेमाल हुआ। बिहार इस समय तमाम वजहों से चर्चा में है। यहां कभी पूरा रेलवे पुल चोरी हो जाता है तो कभी जहरीली शराब से सौ से ज्यादा लोग मर जाते हैंः
70 लोगों की मौत के अलावा 30 से अधिक लोगों का उपचार सरकारी अस्पताल व निजी क्लीनिकों में चल रहा है। जहरीली शराब से होने वाली मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है और इस वजह से नीतीश कुमार विपक्षी दलों के निशाने पर हैं।
नीतीश ने गुरूवार को भी जो शराब पिएगा वह मरेगा वाला बयान दिया था। उनके इस बयान के बाद बिहार में सियासत गर्म है। विपक्षी दल बीजेपी के नेताओं ने नीतीश कुमार के इस बयान को बेहद असंवेदनशील बताया है।
बिहार में जहरीली शराब पीने से मौतों का आंकड़ा 50 से ज्यादा हो गया है और नीतीश कुमार शराबबंदी के फैसले को लेकर बुरी तरह घिरते दिखाई दे रहे हैं। क्या शराबबंदी वाकई फेल हो गई है?
नीतीश कुमार ने कहा है कि जब शराबबंदी नहीं थी तब भी यहां लोग जहरीली शराब से मरते थे और अन्य राज्यों में भी बड़ी संख्या में लोग जहरीली शराब पीने से मरते हैं। शराबबंदी वाले बिहार में जहरीली शराब पीने की वजह से लगातार मौतों की खबर आने से साफ है कि यहां शराबबंदी पूरी तरह फेल हो गई है।
बिहार में नकली शराब से 24 लोगों के मारे जाने की ख़बर आई तो विधानसभा में हंगामा मचा। जानिए विधानसभा में जब नीतीश सरकार में शामिल रही बीजेपी ने अब सवाल उठाए तो नीतीश ने क्या जवाब दिया।
नीतीश खुद विपक्षी एकता के लिए काम कर रहे हैं और उन्होंने कहा है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव महागठबंधन का नेतृत्व करेंगे। नीतीश के इस बयान के क्या मायने हैं।
बिहार के कुढ़नी उपचुनाव में महागठबंधन की हार के बाद नीतीश कुमार ने बीजेपी के ख़िलाफ़ जीतने का एक नुस्खा सुझाया है। जानिए, बीजेपी को हराने के लिए नीतीश की क्या है राय।
बिहार में जातियों के खंड खंड बंटने के बाद राजनीति में भूमिहारों का कद बढ़ गया। लंबे समय तक हाशिए पर रहे 'भूमिहार' बिहार की राजनीति में एक बार फिर से खास हो गए हैं। राजेश कुमार ओझा बता रहे हैं इसकी वजहः
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कुढ़नी में मिली जीत से बीजेपी का खुश होना स्वाभाविक है। इससे पहले गोपालगंज में भी उसे जीत मिली थी। लेकिन कुढ़नी में जेडीयू-महागठबंधन समर्थित उम्मीदवार की हार का क्या मतलब है?
पटना हाइकोर्ट के एक जज ने सुनवाई के दौरान मजाकिये लहजे में ऐसी टिप्पणी कर दी कि अब उनके वीडियो पर लोग तीखी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। जानिए उन्होंने क्या कहा।