चुनाव आयोग का हर सीट पर अलग-अलग रवैया क्यों रहा है? ऐसा क्यों है कि लक्षद्वीप, रामपुर और स्वार में चुनाव आयोग को चुनाव कराने की जल्दी है, जबकि खतौली और वायनाड सीट पर उसे उपचुनाव की जल्दी नहीं होती है?
राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने में जिस तरह लोकसभा सचिवालय की जल्दबाजी और राजनीति का पर्दाफाश हुआ है, लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फैजल पीपी की सदस्यता के मामले ने उसकी पुष्टि कर दी है। फैजल के मामले में नाटकीय घटनाक्रम हुए हैं, क्या यह राहुल गांधी के मामले से पहले की रिहर्सल थी।
केंद्र सरकार की कृषि नीति समय पर फैसला न लेने के बुरे नतीजों का शिकार हो चुकी है। सरसों बोने वाले किसानों के साथ इस बार कैसे धोखा हुआ है, उसे वरिष्ठ पत्रकार हरजिंदर के नजरिए से समझिए।
लगातार विपक्षी एकता की बात करने वाले विपक्षी दलों के नेता क्या कभी एकजुट हो पाएँगे? क्या मनीष सिसोदिया की गिरफ़्तारी के बाद इसके संकेत मिल रहे हैं? क्या विपक्ष साथ मिलकर दूर-दूर तक बीजेपी से लड़ता दिख रहा है?
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 के चुनाव बाद घटनाक्रम को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जो टिप्पणी की है, उससे उस समय के घटनाक्रम मेल नहीं खाते हैं। ज्यादा पुराना इतिहास नहीं है। जानिएः
आम चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। सारी पार्टियां अपने-अपने अंदाज में तैयारी कर रही है। वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक विनोद अग्निहोत्री बता रहे हैं कि मंडल-कमंडल राजनीति का नया संस्करण कैसा होगा।
पूरे देश में क्या समान नागरिक संहिता को लाना संभव है? जहाँ कुछ राज्य इसके पक्ष में प्रस्ताव ला रहे हैं तो कुछ कुछ राज्य विरोध में। जानिए किस आधार पर मिज़ोरम विधानसभा ने विरोध में प्रस्ताव पास किया।
रामचरितमानस को लेकर बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के बयान के बाद आख़िर विवाद क्यों है? क्या उन्होंने जिस चौपाई का इस्तेमाल किया है उसमें ताड़ना का मतलब कुछ और है?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे के एक हालिया बयान के बाद देश की आजादी के आंदोलन में संघ की भूमिका को लेकर फिर से चर्चा शुरू हुई है। क्या आजादी के आंदोलन में संघ की कोई भूमिका नहीं थी?
राहुल गांधी के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समाधिस्थल पर जाने के बाद यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या वह अपने सिद्धांतों से समझौता कर रहे हैं और क्या राहुल ने अपने वैचारिक आधार को छोड़ दिया है?
बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर की आपत्तिजनक टिप्पणी पर कभी 'दिल से माफ नहीं करने' की बात कहने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने प्रज्ञा पर क्या कुछ कार्रवाई की है? फिर वह बार-बार विवादित बयान क्यों दे रही हैं?
मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंदिरा गाँधी और राजीव गाँधी की शहादत को याद करते हुए पूछा है कि क्या बीजेपी के घर के किसी कुत्ते ने भी देश के लिए बलिदान दिया है? खड़गे ने कहा है कि आरएसएस और बीजेपी के नेताओं ने आज़ादी के आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया। बीजेपी चाहे तो आज़ादी के आंदोलन में बलिदान हुए अपने नायकों की लिस्ट देकर उन्हें जवाब दे सकती है। लेकिन क्या वह ऐसा करेगी?
राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा में महंगाई, बेरोजगारी, नोटबंदी जीएसटी के कारण पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था जैसे बुनियादी मुद्दों को उठाकर 2024 के चुनाव की पिच तैयार करने की कोशिश की है। लेकिन क्या विपक्ष मोदी सरकार को मुद्दों पर घेर पाएगा?
भारत-चीन सीमा पर एक बार फिर चीन ने घुसपैठ की कोशिश की है। इससे पहले चुमार, डोकलाम, देपसांग, गलवान में चीनी सेना घुसपैठ की कोशिश कर चुकी है। आखिर चीन क्या चाहता है?